काम की बात छात्रवृत्ति के लिए बदल गई आय सीमा व योग्यता
नई गाइडलाइन जारी, ज्यादा लाना होगा प्राप्तांक व आय सीमा में मिली छूट
गोरखपुर। हाई स्कूल, इंटर एवं उच्च शिक्षा तक छात्र-छात्राओं के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृति के लिए नए सत्र में पैमाना बदल गया है। वार्षिक आय सीमा में छूट मिली है, जबकि प्राप्तांक की सीमा भी बढ़ाई गई है। नए नियमों के अनुसार पात्र छात्र-छात्राओं को ही छात्रवृति व शुल्क प्रतिपूर्ति मिलेगी।
शासन ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नॉन प्रोफेसनल कोर्स में सामान्य एवं अन्य पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राएं 50 प्रतिशत तक अंक पाना अनिवार्य होगा, इतने अंक पाएंगे, तभी उनका आवेदन सत्यापित किया जाएगा, इस वर्ग में अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए प्राप्तांक 33
हाई स्कूल, इंटर व उच्च शिक्षा की शल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें प्राप्तांक, वार्षिक आय, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य नियमों में परिवर्तन किया गया है। –
कोर्ट
निकोलाई नारायण सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
प्रतिशत तक निर्धारित है।
प्रोफेसनल कोर्स में जिसमें प्रवेश की न्यूनतम अर्हता स्नातक होगी, उसमें सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 55 प्रतिशत एवं अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए 50 प्रतिशत या उसके अधिक अंक प्राप्त करने पे ही छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त होगा।
पूर्व दशम छात्रवृत्ति (9-10) में सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए
माता- पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये तक कर दी गई है, जबकि पहले यह सीमा सिर्फ अनुसूचित जाति जनजाति के लिए ही निर्धारित थी।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 11 से उच्च शिक्षा स्तर के लिए) सामान्य वर्ग व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 2 लाख रुपये एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 2.5 लाख रुपये वार्षिक आय पर छात्रवृत्ति दी जाएगी।
हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के छह साल बाद आईटीआई करने वालों को छात्र छात्राओं छात्रवृत्ति का लाभ नही मिलेगा। हाई स्कूल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई बोर्ड एवं आईसीएसई बोर्ड के अलावा किसी भी अन्य बोर्ड से हाईस्कूल पास छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त नहीं होगा।















