- छुट्टा पशुओ को संरक्षित करने के दावे हवाई,किसानों की दर्द बढाई
रातो की नींद हराम, छुट्टा पशुओ की रखवाली बनी मुसीबत
गोरखपुर / सहजनवा गीडा। छुट्टा पशुओ को संरक्षित करने के शासन प्रशासन के दावे हवाई साबित हो रहे है। फसलों पर मौसम की मार से किसान वैसे ही तबाह है, वही छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए रात में किसानों को रखवाली करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के किसान गेहूं की अच्छी वृद्धि तथा विकास से खुश हैं। वहीं छुट्टा जानवर घूम-घूमकर उसे अपना निवाला बना रहे हैं। गीडा सेक्टर 5 में अगल-बगल क्षेत्र से लेकर के जानवर छोड़ जाते हैं । नेवास बरवार,कुसमी सहित दर्जनों गांव में आवारा पशुओं द्वारा लगातार फसलों पर बड़े पैमाने पर धावा बोलकर फसलों को चट कर जा रहे हैं। बताते चलें कि
गीडा क्षेत्र के नेवास बड़गहन, सरैया, कुसम्ही, खानिमपुर, रेटहा स्थान, बरवार आदि गांवों में छुट्टा पशु फसल और सब्जियों को अपना निवाला बना रहे हैं।
फसल बर्बाद होने से किसानों की आर्थिक हालत खराब होती जा रही है। परेशान किसानों ने प्रशासन से इस समस्या से निजात की गुहार लगाई है।
छुट्टा पशुओं के संबंध में अधिकारियों और पशुचिकित्सक के साथ बैठक की गई है। इन्हें पकड़ने के लिए टीम भेजी जा रही है। जो इन्हें पकड़कर गोआश्रय केंद्र ले जाएगी।
-कुंवर सचिन सिंह एसडीएम, सहजनवां
फसल के साथ-साथ पौधों पर लगे सब्जियों के फलों को नीलगाय और छुट्टा पशु चट कर रहे हैं तथा पौधे भी तोड़ दे रहे हैं।
– दिनेश शर्मा , नेवास
गेहूं, मटर, अरहर आदि फसलों को छुट्ट्टा जानवर खा रहे हैं। साथ में पौधा भी नष्ट कर दे रहे हैं। इन पर रोकथाम जरूरी है।
-सूरज सिंह, नेवास
कृषक हित में छुट्टा पशुओं और नीलगाय पर रोकथाम लगाना आवश्यक है। सरकार को इस मामले में उचित कदम उठाना चाहिए। जिससे किसानों को राहत मिल सके।
उदय राज सिंह , गीडा सेक्टर पांच
छुट्टा पशुओं से किसान त्रस्त हैं। इस दिशा में शासन-प्रशासन को सार्थक कदम उठाना चाहिए। जिससे वे निर्भीक होकर खेती कर सकें।
-मनेंद्र शाही , नेवास
कुसमी ग्राम पंचायतों में छुट्टा पशुओं का आतंक बना हुआ है।















