विसर्जन जुलूस में हाईटेंशन लाइन का कहर, तीन युवकों की मौत
चार प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन, पांचवीं के जुलूस में डीजे की लोहे की रेलिंग 11 हजार वोल्ट के तार से टकराई
नौ लोग झुलसे, मेडिकल कॉलेज के बाहर परिजनों ने लगाया जाम; जेई निलंबित, लाइनमैन की सेवा समाप्त
गोरखपुर। मां दुर्गा की प्रतिमा को विदाई देने निकले श्रद्धालुओं के जुलूस में बुधवार शाम अचानक मौत का करंट दौड़ गया। गुलरिहा क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव से निकला विसर्जन जुलूस रजही चौराहे के पास पहुंचा ही था कि डीजे के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। करंट की चपेट में आने से चंदन (21), विक्की (18) और लक्की (17) की मौत हो गई, जबकि नौ लोग झुलस गए। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया। घटना ने बिजली आपूर्ति बंद रखने के निर्देशों के पालन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद हुआ हादसा
बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकला था। प्रतिमा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखी गई थी और श्रद्धालु कोलुहा घाट की ओर जा रहे थे। जुलूस में शामिल डीजे के ऊपर लोहे की रेलिंग लगी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई थी। इससे पहले चार प्रतिमाओं का विसर्जन सुरक्षित तरीके से हो चुका था।
पांचवीं प्रतिमा का जुलूस रजही चौराहे पर रामानंद के दरवाजे के पास पहुंचा, तभी डीजे की रेलिंग ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गई। इसके बाद जुलूस में करंट फैलने से अफरा-तफरी मच गई। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले तीन युवकों की जान चली गई।
नौ लोग झुलसे, घायलों का इलाज जारी
हादसे में चंदन, विक्की और लक्की की मौत हो गई। पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु करंट से झुलस गए। घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। घायलों का उपचार शुरू किया गया। प्रशासन के अनुसार, घायलों की हालत खतरे से बाहर थी। दो घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य का उपचार जारी रहा। चिकित्सकों की टीम को घायलों के बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मेडिकल कॉलेज के बाहर तीन घंटे तक जाम
हादसे की खबर फैलते ही ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश फैल गया। उनका सवाल था कि जब विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने के निर्देश दिए गए थे, तो हाईटेंशन लाइन में करंट कैसे आया। इसी मुद्दे को लेकर शाम करीब छह बजे परिजनों और ग्रामीणों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और मेडिकल कॉलेज के आसपास की 50 से अधिक दुकानें बंद हो गईं। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल के साथ पीएसी की दो बटालियन तैनात करनी पड़ीं।
करीब तीन घंटे तक चले जाम को अधिकारियों के आश्वासन के बाद रात 7:40 बजे समाप्त कराया गया। इसके बाद यातायात बहाल हो सका।
डीएम-एसएसपी पहुंचे, घायलों का जाना हाल
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ पुलिस बल के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार और एसपी सिटी निमिष पाटिल ने भी घायलों के उपचार की जानकारी ली। अधिकारियों ने चिकित्सकों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए।
जेई निलंबित, लाइनमैन की सेवा समाप्त
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हुई है और नौ लोग घायल हुए हैं। बिजली विभाग के अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित लाइनमैन की सेवा समाप्त कर दी गई है। मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग शासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रथम दृष्टया ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिजली आपूर्ति बंद रखने के निर्देशों पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने की व्यवस्था का सही ढंग से पालन हुआ होता, तो शायद तीन युवकों की जान बच सकती थी। अब जांच में यह स्पष्ट होना है कि शटडाउन के निर्देश किस स्तर पर जारी किए गए, उनका पालन हुआ या नहीं और हाईटेंशन लाइन में आपूर्ति किस परिस्थिति में चालू रही। सुरक्षा इंतजामों में कहां चूक हुई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
मृतकों के पिता हैदराबाद और दिल्ली में रहते हैं। प्रशासन की ओर से उन्हें जल्द गोरखपुर बुलाने की व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजनों को घर पहुंचाने में भी सहयोग किया गया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी परिसर में मुस्तैद रहे।
चार प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के बाद पांचवीं प्रतिमा के जुलूस में हुआ यह हादसा बिजली विभाग की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की जवाबदेही का बड़ा सवाल बन गया है। अब सबकी नजर जांच पर है, ताकि हादसे की वजह स्पष्ट हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो सके।
शेष जानकारी साझा की जाएगी…















