125 दिन की रोजगार गारंटी से गांवों में टिकाऊ विकास को मिलेगी गति : पंकज चौधरी पंच सम्मेलन में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने वीबी-जी राम जी अधिनियम की बताईं विशेषताएं, ग्राम सभाओं की भूमिका बढ़ने पर दिया जोर

125 दिन की रोजगार गारंटी से गांवों में टिकाऊ विकास को मिलेगी गति : पंकज चौधरी

पंच सम्मेलन में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने वीबी-जी राम जी अधिनियम की बताईं विशेषताएं, ग्राम सभाओं की भूमिका बढ़ने पर दिया जोर

महराजगंज। नवीन उपमंडी परिसर में शुक्रवार को केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में पंच सम्मेलन एवं कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, रोजगार सेवक और ग्रामीणों ने भाग लिया।

पंकज चौधरी ने कहा कि ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। उनके अनुसार वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और गांवों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे, आजीविका से जुड़े संसाधन और आपदा प्रतिरोधी कार्यों को योजना में प्राथमिकता मिलेगी। इसके तहत पोखर, तालाब, चेकडैम, संपर्क मार्ग, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पक्की नाली, हाट-बाजार, गौशाला, अनाज गोदाम और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्य कराए जा सकेंगे।

कृषि सीजन में 60 दिन तक काम रोकने का प्रावधान

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने बताया कि किसानों के हित में राज्यों को बुवाई और कटाई के प्रमुख सीजन में अधिकतम 60 दिनों तक रोजगार कार्यों को रोकने की अवधि निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। इससे कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता और ग्रामीण रोजगार के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्राम सभाएं स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करेंगी। विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर गांव की विकास योजना तैयार होगी। निगरानी के लिए जियो-स्पेशल मैपिंग, डिजिटल डैशबोर्ड और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा। मजदूरी का भुगतान डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खातों में किया जाएगा।

पंकज चौधरी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए केंद्र सरकार ने 95,692.31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। केंद्र और राज्यों के अंशदान को मिलाकर कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

पनियरा विधायक ने कहा कि योजना में न्यूनतम 125 दिन के रोजगार की गारंटी के साथ ग्राम सभाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया गया है। सदर विधायक ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार ग्राम सभा के माध्यम से विकास कार्यों के चयन की बात कही। उन्होंने सड़क, नाली, उत्सव भवन और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए तार-बाड़ जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि रोजगार के दिनों को 125 किए जाने के साथ कार्यों का स्वरूप भी विस्तृत और टिकाऊ बनाया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समापन पर मुख्य विकास अधिकारी ने अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधे स्मृति चिह्न के रूप में भेंट किए गए।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, ब्लॉक प्रमुख पनियरा वेद प्रकाश शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख मिठौरा राम हरख गुप्ता समेत विभिन्न विकासखंडों के ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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