गांव-गांव पहुंची पुलिस, चौपाल में सुनीं जनसमस्याएं
जनसुनवाई के साथ अपराध नियंत्रण और कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर
गोरखपुर। जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण, अपराध नियंत्रण और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय के उद्देश्य से शुक्रवार को गोरखपुर के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में पुलिस एवं प्रशासन की ओर से विशेष चौपाल लगाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान का प्रयास किया।
चौपाल में पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था, भूमि विवाद, रास्ते, आपसी झगड़े और अन्य स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपराध या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।
कैण्ट क्षेत्र के दाउदपुर व बेतियाहाता, एम्स के भैरोपुर, खोराबार के बिनहा व सूबाबाजार, कोतवाली के नसीराबाद-बेनीगंज और राजघाट के गोरक्षनाथ घाट में चौपाल आयोजित हुई। तिवारीपुर के माधोपुर, सहजनवां के भीटीरावत, गीडा के भरसाड़, चौरीचौरा के शिवपुर व बदुरहिया तथा झंगहा के मीठाबेल नईबाजार व राजधानी में भी अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद किया।
इसी क्रम में पिपराइच, बांसगांव, बेलीपार, गगहा और बड़हलगंज थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में भी चौपाल लगाई गई। अधिकारियों ने लोगों को नशे के प्रसार, अवैध गतिविधियों और अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच दूरी कम कर विश्वास मजबूत करना है। छोटे विवादों का समय रहते समाधान होने से गंभीर घटनाओं और अपराधों को रोका जा सकता है। अपराध नियंत्रण में आमजन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस-प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला। अधिकारियों ने चौपाल की प्रक्रिया को आगे भी जारी रखने और स्थानीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।















