रंगों में दिखी कला की दुनिया, बुद्ध की विरासत से रूबरू हुए दर्शक
बौद्ध संग्रहालय में अंतरराष्ट्रीय ललित कला प्रदर्शनी का मंडलायुक्त ने किया उद्घाटन
गोरखपुर। बौद्ध संग्रहालय परिसर शुक्रवार को कला, संस्कृति और इतिहास के अनूठे संगम का साक्षी बना। यहां आयोजित गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय ललितार्जन चित्रकला प्रदर्शनी का मंडलायुक्त इन्द्र विक्रम सिंह ने उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सजी विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन कर कलाकारों की रचनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति की सराहना की।
मंडलायुक्त ने कहा कि चित्रकला केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि कलाकार के विचारों, भावनाओं और कल्पनाशीलता को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच देने के साथ ही युवा पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की रचनाओं को एक मंच पर लाने से गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है।
प्रदर्शनी के बाद मंडलायुक्त ने बौद्ध संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का निरीक्षण किया। संग्रहालय के निदेशक यशवंत सिंह राठौर ने उन्हें संरक्षित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक सामग्री के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भगवान गौतम बुद्ध के जीवन, उनकी शिक्षाओं और बौद्ध संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया।
मंडलायुक्त ने विशेष रूप से गौतम बुद्ध के जीवन दर्शन, शांति, करुणा, अहिंसा और मानव कल्याण से जुड़े संदेशों को प्रदर्शित करने वाली सामग्री का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं। इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने संग्रहालय में पर्यटकों और दर्शकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली तथा संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। कहा कि कला और पुरातत्व को एक साथ प्रस्तुत करने वाले आयोजनों से लोगों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पुष्प दंत जैन, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन समेत आयोजन समिति के पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनी में कलाकारों की विविध शैलियों की कलाकृतियां कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।















