कोटेदारों के उत्पीड़न पर मुख्यमंत्री योगी सख्त, भ्रष्ट अधिकारियों के तत्काल निलंबन के निर्देश
राशन व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर, भ्रष्टाचार मिलने पर विजिलेंस जांच भी होगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की समीक्षा बैठक में कोटेदारों के उत्पीड़न और राशन वितरण व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोटेदारों को अनावश्यक रूप से परेशान करने या उन पर दबाव बनाने की शिकायतें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटेदार गरीबों तक खाद्यान्न पहुंचाने वाली व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में शिकायतों के नाम पर उनका उत्पीड़न या शोषण नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही ऐसे मामलों में खुली विजिलेंस जांच कराकर आवश्यक विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी पात्र लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी बाधा के उनका हक दिलाना है। राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितैषी बनाया जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उनके निर्देशों को प्रदेश की राशन व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















