महिला अपराधों की विवेचना में लापरवाही पर एसपी सख्त, सात विवेचकों की होगी जांच
लंबित मामलों की समीक्षा, वैज्ञानिक विवेचना और समयबद्ध कार्रवाई के दिए निर्देश
संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में गैंगस्टर अधिनियम तथा महिला संबंधी गंभीर अपराधों की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के लिए अर्दली रूम आयोजित किया। समीक्षा के दौरान महिला अपराधों की विवेचना में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने सात विवेचकों के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश दिए और भविष्य में शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में तीनों क्षेत्राधिकारी, सभी थाना प्रभारी, विवेचक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। एसपी ने हत्या, दहेज हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, छेड़खानी, शीलभंग तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं से जुड़े लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले की विवेचना निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए।
समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के प्रभावी संकलन, गवाहों के समयबद्ध बयान, डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग तथा आधुनिक तकनीकों को विवेचना का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यक्ष ऐप, ई-समन और एस-आईडी प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि विवेचना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो सके।
आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, नियमित पैदल गश्त बढ़ाने, निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रहे।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि महिला अपराधों और संगठित अपराधों की त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।















