हाईवे पर बंद कटों से बढ़ी उद्योगों की परेशानी, डीएम की टीम ने किया निरीक्षण; एनएचएआई को भेजा जाएगा गोलचक्कर का प्रस्ताव
गोरखपुर। कलेसर से सहजनवा तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा कारणों से बंद किए गए कटों के चलते गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के उद्यमियों को हो रही परेशानी के समाधान की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखते हुए गोलचक्कर (राउंडअबाउट) निर्माण का प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भेजने का निर्णय लिया गया।
पूर्व में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेसर से सहजनवा के बीच हाईवे के अवैध एवं दुर्घटना संभावित कट बंद कर दिए गए थे। इससे दुर्घटनाओं में कमी आई, लेकिन गीडा क्षेत्र की फैक्ट्रियों तक आने-जाने वाले मालवाहक वाहनों और उद्यमियों को अब 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ समय की भी काफी बर्बादी हो रही है।
यह मुद्दा सोमवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित उद्योग बंधु समिति की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया था। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने उद्योगों को हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए संयुक्त टीम गठित की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पुराने कट दोबारा खोलना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं होगा। ऐसे में यातायात व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों दोनों को सुचारु बनाए रखने के लिए हाईवे पर गोलचक्कर निर्माण को सबसे उपयुक्त विकल्प माना गया। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआई को भेजा जाएगा।
निरीक्षण में पुलिस अधीक्षक यातायात अमित कुमार श्रीवास्तव, गीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रामप्रकाश, एसडीएम सहजनवा केशरी नंदन तिवारी तथा चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी कमलेश सिंह, आकाश जालान, विवेक वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के साथ सड़क सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।















