IGRS में लापरवाही पर डीएम सख्त, बोले— गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करें
संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस, कर-करेत्तर एवं राजस्व विभागों की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को जनशिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर कोई भी शिकायत डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जानी चाहिए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री संदर्भ, आयुक्त संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ, तहसील दिवस एवं अन्य लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि गुणवत्ता भी दिखाई देनी चाहिए। यदि किसी प्रकरण में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता हो तो संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लगातार असंतुष्ट फीडबैक यह दर्शाता है कि शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया या उसकी समस्या का समुचित समाधान नहीं हुआ। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी अगली समीक्षा बैठक में पूरी रिपोर्ट के साथ उपस्थित होंगे।
डीएम ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान दें, ताकि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग बेहतर बनी रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण या योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के कारण यदि जनपद की रैंकिंग प्रभावित हुई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कर-करेत्तर राजस्व की समीक्षा करते हुए आबकारी, राज्य कर, परिवहन, स्टाम्प एवं पंजीयन, विद्युत, वन विभाग, सिंचाई, नगर निकाय, खनन, मंडी समिति, बांट-माप तथा खाद्य सुरक्षा विभाग की वसूली प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध ढंग से शत-प्रतिशत राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह, जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार, विभिन्न उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।















