B.Sc. छात्र निकला साइबर ठगी गैंग का मास्टरमाइंड, 10% कमीशन पर खुलवाए सैकड़ों बैंक खाते

B.Sc. छात्र निकला साइबर ठगी गैंग का मास्टरमाइंड, 10% कमीशन पर खुलवाए सैकड़ों बैंक खाते

गोरखपुर। पढ़ाई कर भविष्य संवारने की उम्र में एक बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र ने साइबर ठगी का ऐसा नेटवर्क खड़ा कर लिया, जिसने देशभर के लोगों को फर्जी लोन के नाम पर लाखों रुपये का चूना लगाया। गोरखपुर पुलिस ने फर्जी लोन ऐप संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में 22 वर्षीय मनजीत कुमार, जो बीएससी सेकेंड ईयर का छात्र है, और 23 वर्षीय विजय विश्वकर्मा, जो इंटरमीडिएट एवं आईटीआई पास है, शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि मनजीत सोशल मीडिया पर फर्जी लोन कंपनी के पेज और मोबाइल ऐप तैयार कर लोगों को कम ब्याज पर त्वरित लोन दिलाने का झांसा देता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस और अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन रकम वसूल ली जाती थी, लेकिन न लोन मिलता था और न ही पैसा वापस किया जाता था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह का दूसरा सदस्य विजय विश्वकर्मा पूरे नेटवर्क का बैंकिंग संचालन संभालता था। वह 10 प्रतिशत कमीशन लेकर रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन्हीं खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कराई जाती थी और बाद में एटीएम के माध्यम से नकदी निकालकर गिरोह के सदस्यों में बांट दी जाती थी।

पुलिस के अनुसार साइबर अपराध में लगातार इस्तेमाल होने के कारण ऐसे कई बैंक खातों को विभिन्न एजेंसियों ने फ्रीज कर दिया है। इससे वे लोग भी जांच के दायरे में आ गए हैं, जिन्होंने लालच या अनजाने में अपने बैंक खाते गिरोह को उपलब्ध करा दिए थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और नकदी बरामद की है। दोनों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या ओटीपी किसी को उपलब्ध न कराएं। फर्जी लोन ऐप और सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले आकर्षक ऑफरों से सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि आसान कमाई का लालच युवाओं को अपराध की राह पर ले जा रहा है, जिसका परिणाम अंततः जेल और बर्बाद भविष्य के रूप में सामने आता है।

Previous articleसम्भव दिवस में नगर आयुक्त अजय जैन ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
Next articleएडीजी जोन मुथा अशोक जैन की पहल: बहू-बेटी सम्मेलन में महिलाओं को मिला सुरक्षा और अधिकारों का पाठ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here