स्कूल वाहनों पर प्रशासन का सख्त एक्शन: 7 जुलाई अंतिम मौका, फिटनेस-परमिट नहीं तो वाहन सीज
– नियम तोड़ने वाले स्कूलों की मान्यता पर भी मंडरा सकता है खतरा
– नाबालिग छात्रों के वाहन चलाने पर अभिभावकों पर भी होगी कार्रवाई
बस्ती। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल वाहनों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत की अध्यक्षता में आयोजित जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सभी विद्यालय प्रबंधक और प्रधानाचार्य 7 जुलाई 2026 तक अपने विद्यालयों में संचालित प्रत्येक वाहन की फिटनेस और परमिट अनिवार्य रूप से अपडेट करा लें। इसके बाद बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा मानक विहीन स्कूल वाहन मिलने पर सीधे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ माला वाजपेई ने कहा कि बच्चों के परिवहन में केवल विद्यालय के नाम से पंजीकृत और मानकों के अनुरूप फिट वाहन ही उपयोग किए जाएंगे। किराए के, अधूरे दस्तावेज वाले या अनफिट वाहनों पर तत्काल कार्रवाई होगी।
बैठक में 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों द्वारा बाइक और कार चलाकर स्कूल आने के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई। एएसपी श्यामकांत ने कहा कि ऐसे मामलों में वाहन सीज किए जाएंगे और अभिभावकों के खिलाफ भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन को अनधिकृत ऑटो, टैम्पो और ई-रिक्शा से बच्चों के परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
बच्चों में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक विद्यालय में रोड सेफ्टी नोडल शिक्षक नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया। यह शिक्षक छात्रों को यातायात नियमों, हेलमेट, सीट बेल्ट और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।
बैठक में आरटीओ प्रशासन फरीउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन सुरेश कुमार मौर्य, यात्रीकर अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, एडीआईओएस उदयभान वर्मा, जीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. विजय वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यालय प्रबंधक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।















