आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर डीएम सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
रायबरेली। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकता वाली व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाते हैं। इसलिए शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने असंतोषजनक फीडबैक वाले प्रकरणों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान विभागवार लंबित प्रकरणों की स्थिति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक अवश्य लिया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समस्या का समाधान संतोषजनक ढंग से हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में जांच आवश्यक है, उनमें अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और तथ्यात्मक आख्या प्रस्तुत करें।
बैठक में अधिकारियों को नियमित रूप से आईजीआरएस पोर्टल का अवलोकन करने तथा लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा, उप जिलाधिकारी अहमद फरीद खान, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चंद्र, जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी, जिला पूर्ति अधिकारी उबैदुर्र रहमान, जिला समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















