डीएलआरसी/डीसीसी बैठक में डीएम सख्त, बैंकर्स को लक्ष्य पूर्ति के दिए निर्देश
युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने पर जोर, लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण का आदेश
गोरखपुर। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) एवं जिला सलाहकार समिति (डीसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न बैंकिंग एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बैंकर्स को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति, ऋण वितरण में तेजी तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (एमवाईयूवी) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 2700 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष 2375 ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो लगभग 88 प्रतिशत उपलब्धि है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1015 आवेदन बैंक शाखाओं को भेजे गए, जिनमें 201 आवेदन स्वीकृत तथा 128 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। डीएम ने शेष लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा में बताया गया कि 271 इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष 460 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 183 आवेदन स्वीकृत किए गए। योजना के अंतर्गत लगभग 5.98 करोड़ रुपये का ऋण वितरण कर 113.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने इस प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
बैठक में “एक जनपद-एक उत्पाद” (ओडीओपी) योजना की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 47 इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष 113 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 42 स्वीकृत किए गए और 1.55 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया गया। डीएम ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक एवं संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले बैंक शाखाओं की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में बैंकर्स नोडल अधिकारी मनोज श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।















