राप्ती में रील का जुनून बना जानलेवा, दो युवकों की डूबकर मौत
करतहरी घाट पर नहाते समय हुआ हादसा, घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद मिले शव
गोरखपुर। सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक शनिवार को दो परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द बन गया। पीपीगंज थाना क्षेत्र के करतहरी घाट पर राप्ती नदी में नहाते समय रील बना रहे सात युवकों में से दो युवक गहरे पानी में समा गए। घंटों चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद दोनों के शव बरामद किए गए।
जानकारी के अनुसार, सात युवक राप्ती नदी में स्नान करने पहुंचे थे। नहाने के दौरान वे मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी बीच दो युवक अचानक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगे। साथियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
घटना की सूचना मिलते ही पीपीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। कुछ देर की तलाश के बाद शिवम कुमार (पुत्र संजीव कुमार), निवासी जगदीशपुर गाही, थाना सहजनवा का शव बरामद कर लिया गया।
दूसरे युवक गोलू कुमार (19 वर्ष), पुत्र रामदीन, निवासी जगदीशपुर गाही की तलाश के लिए पीएसी की 26वीं वाहिनी के प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया गया। कई घंटों तक चले अभियान के बाद उसका शव भी नदी से निकाल लिया गया।
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सदर तहसील प्रशासन, पुलिस और पीएसी की टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहीं। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अभियान की निगरानी की।
दोनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में मातम पसरा हुआ है और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल तथा पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में नदी की अधिक गहराई और तेज बहाव को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, तालाब या अन्य जलाशयों में स्नान करते समय सतर्कता बरतें तथा सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरे स्टंट और रील बनाने से बचें।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर साबित करता है कि कुछ क्षणों की वायरल प्रसिद्धि की चाह कभी-कभी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।















