गोरखपुर में ‘संवाद’ कार्यक्रम: स्किलिंग से रोजगार तक यूपी को स्किल कैपिटल बनाने पर मंथन

गोरखपुर में ‘संवाद’ कार्यक्रम: स्किलिंग से रोजगार तक यूपी को स्किल कैपिटल बनाने पर मंथन

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश को देश की “स्किल कैपिटल” बनाने के लक्ष्य के तहत कौशल विकास को आधुनिक तकनीक और रोजगार से जोड़ने की दिशा में गोरखपुर के होटल रमाडा में ‘संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरकार, उद्योग जगत, निजी आईटीआई संचालकों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम, मिशन निदेशक पुलकित खरे, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार सहित गोरखपुर, बस्ती और अयोध्या मंडल के कई प्रशिक्षण प्रदाता व उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

“डिग्री नहीं, रोजगार देने वाला हुनर जरूरी”

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसा कौशल आवश्यक है जो सीधे रोजगार से जोड़े। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार “स्किल टू एम्प्लॉयमेंट” मॉडल पर तेजी से कार्य कर रही है, जिसमें प्रशिक्षण के साथ रोजगार सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 सरकारी आईटीआई को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है, जहां एआई, ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स, एडवांस डिजाइनिंग और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे कोर्स संचालित हो रहे हैं। जल्द ही 62 और आईटीआई को भी इस परियोजना से जोड़ा जाएगा।

कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम ने कहा कि कौशल विकास अब केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि युवाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय से ही युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिल सकेगा।

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के माध्यम से स्कूलों में भी व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 2500 से अधिक स्कूल इस योजना से जुड़ चुके हैं, जिनमें लगभग ढाई लाख छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से सशक्त हो रहा कौशल विकास

कार्यक्रम में “कौशल दोस्त” एआई चैटबॉट, “कौशल दर्पण” डेटा प्लेटफॉर्म और “कौशल दिशा” ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म की जानकारी दी गई। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से युवा घर बैठे प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और रोजगार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

साथ ही दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत युवाओं को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षार्थियों और प्रशिक्षकों को मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी नवाचार और रोजगारपरक प्रशिक्षण पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने माना कि यदि प्रशिक्षण, तकनीक और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित होता है तो उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का सबसे बड़ा स्किल हब बन सकता है।

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