गो-सेवा आयोग उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में गौ संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

गो-सेवा आयोग उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में गौ संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

 

बस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में गौ संरक्षण, अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, गौवंश संरक्षण, रख-रखाव तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार गौवंशीय पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी गौआश्रय स्थलों पर हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल एवं चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा नियमित साफ-सफाई और निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।

सड़कों से गौवंश हटाने और गोचर भूमि संरक्षण पर जोर

बैठक में निराश्रित गौवंश को सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों से सुरक्षित गौआश्रय स्थलों तक पहुंचाने की कार्यवाही की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को अभियान चलाकर निराश्रित गौवंश के संरक्षण के निर्देश दिए।

साथ ही निर्देशित किया गया कि गोचर भूमि की सूची तैयार कर अवैध कब्जों को हटाया जाए तथा किसानों को नैपियर घास की खेती के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

गौशालाओं के प्रबंधन में सुधार के निर्देश

उपाध्यक्ष ने कहा कि जिन गौशालाओं में पशुओं की संख्या कम है, वहां संतुलन बनाते हुए स्थानांतरण किया जाए। 100 गौवंश पर 2 से 3 नंदी अलग रखने, छोटे-बड़े नंदी को अलग-अलग रखने तथा बीमार गौवंश को अलग बाड़े में रखकर विशेष देखभाल करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा भूसा भंडारण, चारे-पानी की समयबद्ध व्यवस्था, नोडल अधिकारी की तैनाती और जीपीएस आधारित फोटो मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने पर भी जोर दिया गया।

योजनाओं की प्रगति

बैठक में पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में 34 ग्रामीण और 3 शहरी अस्थायी गौआश्रय स्थल तथा 5 काजी हाउस संचालित हैं। मुख्यमंत्री निराश्रित गौवंश सहभागिता योजना के तहत 1629 के लक्ष्य के सापेक्ष 1299 पशुओं को लाभान्वित पशुपालकों को सुपुर्द किया गया है।

जनप्रतिनिधियों ने उठाया सूचना न मिलने का मुद्दा

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने समय पर सूचना न मिलने की शिकायत की, जिस पर उपाध्यक्ष ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सभी जनप्रतिनिधियों को समय से सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह, सीडीओ, डीएफओ सहित अनेक विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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