अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर सेवा, संवेदना और समर्पण का संदेश
गोरखपुर। गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिंग में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायी और भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग सेवा की महत्ता, मानवता के प्रति समर्पण और संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। समारोह में छात्राओं और शिक्षकों ने सेवा, अनुशासन और करुणा को नर्सिंग का मूल आधार बताते हुए समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल को पुष्पांजलि देकर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और आधुनिक नर्सिंग की प्रेरणास्रोत फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज की संरक्षिका रीना त्रिपाठी उपस्थित रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज के प्रबंध निदेशक आशुतोष मिश्र ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रकाश सिंह चौधरी ने की।
नर्सिंग को बताया मानवता की सबसे पावन सेवा
मुख्य अतिथि रीना त्रिपाठी ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि पीड़ित मानवता के द्वार पर करुणा का दीप प्रज्वलित करने की साधना है। उन्होंने कहा कि एक नर्स रोगी के जीवन में भरोसा, सहारा और उम्मीद की किरण बनकर सामने आती है। वहीं विशिष्ट अतिथि आशुतोष मिश्र ने कहा कि आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और संवेदनशील व्यवहार के समन्वय से ही नर्सिंग शिक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को ज्ञान और सेवा-भाव को अपने व्यक्तित्व का आधार बनाने की प्रेरणा दी।
सेवा-निष्ठ और अनुशासित पीढ़ी तैयार करने का संकल्प
प्राचार्य प्रकाश सिंह चौधरी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसी सेवा-निष्ठ और अनुशासित पीढ़ी तैयार करना है, जो चिकित्सा क्षेत्र में करुणा और दायित्वबोध की मिसाल बने। कार्यक्रम में छात्राओं ने भी नर्सिंग सेवा, अनुशासन और मानवता पर आधारित विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. गौरी पांडेय, लोरीटा याकूब सहित बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं। अंत में सभी ने नर्सिंग को मानव सेवा का पवित्र माध्यम मानते हुए समर्पण भाव से कार्य करने का संकल्प लिया















