साइबर ठगी गिरोह का बड़ा भंडाफोड़: 7 शातिर आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों का लेन-देन का खुलासा
गोरखपुर। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत थाना एम्स पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 7 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी लोगों को लोन दिलाने और सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करते थे और करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन करते थे।
पुलिस ने इनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 2 लैपटॉप, 8 कूटरचित मोहर, 28 हस्ताक्षरित चेक, 4 पासबुक, 3 एटीएम कार्ड और 2 चेकबुक बरामद किए हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने थाना एम्स में शिकायत दर्ज कराई कि लोन दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उसके बैंक खाते के दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड ले लिए। बाद में खातों में भारी संदिग्ध लेन-देन होने पर खाते फ्रीज हो गए। पूछताछ करने पर आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाते थे। वे पहले लोन या सरकारी योजना का झांसा देकर खाताधारकों से बैंकिंग दस्तावेज हासिल कर लेते थे, फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों के ट्रांजैक्शन में करते थे। आरोपी कूटरचित स्टैंप और दस्तावेजों के जरिए फर्जी लोन प्रोसेस भी तैयार करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में ध्रुव साहनी, सूरज सिंह, अजय उपाध्याय, अखंड प्रताप सिंह उर्फ विक्की, बृजेन्द्र कुमार सिंह, अभिषेक कुमार यादव और अमर कुमार निषाद शामिल हैं। सभी के खिलाफ थाना एम्स में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि लोन या सरकारी योजना के नाम पर किसी को भी अपने बैंक दस्तावेज, एटीएम, OTP या गोपनीय जानकारी न दें। संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।















