अलविदा की नमाज़ में दुआओं का सिलसिला मुल्क में अमन-ओ-अमान और भाईचारे की कामना

अलविदा की नमाज़ में दुआओं का सिलसिला

मुल्क में अमन-ओ-अमान और भाईचारे की कामना

गोरखपुर। माहे रमज़ान के मुकद्दस महीने के आखिरी जुमे पर जनपद की विभिन्न मस्जिदों में अलविदा की नमाज़ पूरे अकीदत-ओ-एहतराम के साथ अदा की गई। बड़ी तादाद में रोज़ेदार और नमाज़ी मस्जिदों में पहुंचे और अल्लाह की बारगाह में इबादत करते हुए मुल्क में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारा और खुशहाली की खास दुआएं मांगीं।

माहे रमज़ान को रहमतों और बरकतों का महीना माना जाता है। पूरे महीने मुस्लिम समाज रोज़ा रखकर इबादत करता है और अल्लाह को राज़ी करने की कोशिश करता है। इसी दौरान लोग अपनी कमाई का ढाई फ़ीसद हिस्सा ज़कात के तौर पर गरीब, मिस्कीन और जरूरतमंदों में तक़सीम कर इंसानियत और हमदर्दी का पैग़ाम देते हैं।

शुक्रवार को अलविदा की नमाज़ के मौके पर शहर की बड़ी मस्जिदों के साथ-साथ मोहल्लों की मस्जिदों में भी नमाज़ियों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। दरगाह मुबारक ख़ान शहीद की मस्जिद में भी बड़ी तादाद में रोज़ेदार और नमाज़ी मौजूद रहे, जहां सभी ने सुकून और खामोशी के माहौल में नमाज़ अदा की और मुल्क की तरक़्क़ी, सलामती और अमन-ओ-सुकून के लिए दुआ की।

अलविदा की नमाज़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने शहर के अलग-अलग इलाकों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नमाज़ सकुशल संपन्न होने के बाद नमाज़ियों ने देश में अमन-ओ-शांति, आपसी भाईचारे और खुशहाली की दुआ के साथ अल्लाह का शुक्र अदा किया। पूरा शहर भक्ति और सद्भाव के रंग में रंग गया।

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