अलविदा पर इंसानियत की मिसाल नवाब फारुख अशरफ ने सैकड़ों महिलाओं में बांटे सूट-साड़ी, पुश्तैनी परंपरा को आगे बढ़ाया

अलविदा पर इंसानियत की मिसाल

नवाब फारुख अशरफ ने सैकड़ों महिलाओं में बांटे सूट-साड़ी, पुश्तैनी परंपरा को आगे बढ़ाया

गोरखपुर। माहे रमज़ान के आखिरी जुमे ‘अलविदा’ के मौके पर शहर में इंसानियत और सेवा की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। राजस्थान मार्बल्स के मालिक नवाब फारुख अशरफ ने जरूरतमंदों के बीच नए कपड़ों का वितरण कर सैकड़ों महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को सूट और साड़ियां वितरित की गईं, साथ ही कई जरूरतमंदों को नगद सहायता भी प्रदान की गई।

यह नेक कार्य नवाब फारुख अशरफ के परिवार की पीढ़ियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। पूर्व पार्षद अशरफ अली के बेटे फारुख अशरफ अपने पिता की तरह ही सामाजिक सेवा और गरीबों की मदद को अपना फर्ज मानते हैं। परिवार लंबे समय से समाज के कमजोर वर्ग की सहायता करता आ रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और जरूरतमंद लोग शामिल हुए। सभी को सम्मानपूर्वक नए कपड़े दिए गए, जिसे पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अलविदा के पवित्र दिन इस तरह की पहल को लोगों ने इंसानियत की जीती-जागती मिसाल बताया।

मीडिया से बातचीत में नवाब फारुख अशरफ ने कहा, “मदद करने से पहले किसी का धर्म या मजहब नहीं देखा जाता, सिर्फ यह देखा जाता है कि सामने वाला इंसान जरूरतमंद है या नहीं। यह सीख हमें बुजुर्गों और पूर्वजों से मिली है।” उन्होंने आगे कहा कि उनके पिता पूर्व पार्षद अशरफ अली भी हमेशा समाजसेवा में आगे रहते हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की, “अगर साधन कम भी हों तो कम से कम एक प्यासे को एक गिलास पानी जरूर पिलाएं, क्योंकि इंसानियत से बड़ा कोई पुण्य नहीं।”

Previous articleअलविदा की नमाज़ में दुआओं का सिलसिला मुल्क में अमन-ओ-अमान और भाईचारे की कामना
Next articleक्रॉप कटिंग प्रशिक्षण: कानूनगो-लेखपालों को दी गई वैज्ञानिक विधि की जानकारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here