77वें गणतंत्र दिवस पर रायबरेली में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय पर्व
डीएम हर्षिता माथुर ने फहराया तिरंगा, दिलाई संविधान की शपथ, सम्मानित किए स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित
रायबरेली। 26 जनवरी को कलेक्ट्रेट परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ध्वजारोहण किया और तिरंगे को सलामी दी। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ, जिससे पूरा परिसर देशप्रेम की भावना से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी लोगों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को अंगवस्त्र व माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर दो दिव्यांग बच्चों को ट्राई साइकिल और व्हीलचेयर वितरित कर उनके जीवन को सहज बनाने का प्रयास किया गया।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने कहा, “यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का क्षण है कि हम आज अपने देश का 77वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। यह दिन हमारे इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो संविधान की महत्ता और उसके प्रावधानों को याद दिलाता है। हमारा संविधान देश का मूलभूत कानून है, जो अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है तथा एकजुटता, समानता और न्याय के मूल्यों को मजबूत बनाता है।”
उन्होंने कहा, “हम सभी को संविधान के प्रावधानों का पालन करना चाहिए और देश के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए। एक मजबूत, समृद्ध और स्थिर लोकतंत्र बनाने के लिए हमें निरंतर प्रयासरत रहना होगा। गणतंत्र दिवस हमें यह संदेश देता है कि हम सब मिलकर भारत को और ऊंचाइयों पर ले जाएं।”
समारोह में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) अमृता सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल कुमार यादव, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, उप जिलाधिकारी अहमद फरीद खान, उप जिलाधिकारी सारा अशरफ, वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉ. भावना श्रीवास्तव सहित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजन और कलेक्ट्रेट परिवार के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम रायबरेली जिला प्रशासन की ओर से संविधान के मूल्यों एकता, समानता, न्याय और सेवा को जन-जन तक पहुंचाने तथा नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास साबित हुआ। समारोह शांतिपूर्ण, अनुशासित और भावुक वातावरण में संपन्न हुआ।















