अपराध दर में गिरावट, लेकिन मुकदमों की संख्या बढ़ी; एसपी संदीप कुमार मीना की सख्त मॉनीटरिंग और फ्रेंडली पुलिसिंग का मिला असर
संतकबीरनगर। जनपद में कुल अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है, लेकिन दर्ज मुकदमों की संख्या में इजाफा हुआ है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, रेप, लूट, नकबजनी, वाहन चोरी, हत्या के प्रयास, बलवा जैसे गंभीर अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि हत्या, दहेज हत्या और अपहरण जैसे मामलों में मामूली बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि एसपी संदीप कुमार मीना की बेहतर मॉनीटरिंग, कम्युनिटी पुलिसिंग, थानों पर पीड़ितों की त्वरित सुनवाई और पुलिस की कार्यशैली में आए बदलाव के कारण छोटे-छोटे अपराध भी दर्ज हो रहे हैं, जिससे मुकदमों की संख्या बढ़ी है।
वर्ष 2023 में 13 हत्याएं हुईं, 2024 में घटकर 11 रह गईं, जबकि 2025 में 15 हत्याएं दर्ज हुईं। लूट के मामले 2023 में 17, 2024 में 7 और 2025 में मात्र 3 रह गए। नकबजनी की घटनाएं 2023 में 62, 2024 में 44 और 2025 में 33 पर आ गईं। वाहन चोरी 2023 में 68, 2024 में 75 और 2025 में 49 हो गई। अन्य चोरी 2023 में 65, 2024 में 43 और 2025 में 45 दर्ज हुई। दुष्कर्म 2023-2024 में 54-54 रहे, 2025 में घटकर 50 हो गए। अपहरण 2023-2024 में 130-130, 2025 में 135 हो गए। दहेज हत्या 2023 में 13, 2024 में 7 और 2025 में 9 मामले आए। स्नेचिंग 2024-2025 में 8-8 और बलवा 2023 में 14, 2024 में 9, 2025 में मात्र 2 दर्ज हुए।
कुल मुकदमे 2023 में 3447, 2024 में 2940 और 2025 में बढ़कर 3273 हो गए। एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा, “अपराधों पर अंकुश लगाने, पीड़ितों की सुनवाई सुनिश्चित करने और फ्रेंडली पुलिसिंग से जनता में विश्वास बढ़ा है। थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि हर प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई हो, एफआईआर दर्ज करने में कोई संकोच न हो। जनसुनवाई में गंभीर प्रकरणों पर एसओ, सीओ और विवेचक से सीधे चर्चा कर कार्रवाई की जाती है। क्रास केस में पहले जांच कराई जाती है।”
जनपद अपराध के दृष्टिकोण से संवेदनशील है, खासकर धनघटा थाना क्षेत्र। उच्चाधिकारियों का त्वरित संज्ञान और प्रभावी कार्रवाई से अपराध नियंत्रण में सफलता मिली है। एसपी की जनसुनवाई से फरियादी संतुष्ट हो रहे हैं। पुलिस का फोकस अपराध रोकथाम, सूचनातंत्र मजबूत करने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई पर बना हुआ है। इससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है और अपराधों पर लगाम लगी है। पुलिस रिकॉर्ड में सुधार और जनता की भागीदारी से जनपद को और सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।















