विधिक सेवा दिवस: रायबरेली में जागरूकता शिविर, गरीबों को न्याय का हक

विधिक सेवा दिवस: रायबरेली में जागरूकता शिविर, गरीबों को न्याय का हक
रायबरेली। विधिक सेवा दिवस (11 नवंबर 2025) पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एडीआर सेंटर, छजलापुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का भव्य आयोजन किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली व उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष अमित पाल सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम समाज के कमजोर वर्गों को न्याय की रोशनी पहुंचाने का माध्यम बना।शिविर में अधिवक्ता रामकुमार सिंह ने कहा, “विधि के समक्ष समता हर नागरिक का अधिकार।” लीगल एड डिफेंस काउंसिल राजकुमार सिंह ने नि:शुल्क सहायता की बात की: “गरीबी न्याय से वंचित न करे।
जेल निरुद्धों के लिए काउंसिल गठित।” बाल कल्याण समिति सदस्य मिलिंद द्विवेदी ने बच्चों के अधिकार, सदस्या सुधा रानी ने स्थायी लोक अदालत के कार्यों पर प्रकाश डाला।वरिष्ठ पराविधिक स्वयंसेवक बृजपाल ने इतिहास बताया: “1995 से 9 नवंबर को मनाया जाता है। अनुच्छेद 39ए नि:शुल्क सहायता का प्रावधान। डॉ. अंबेडकर ने संविधान से सबको जोड़ा।” अध्यक्ष अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव अनुपम शौर्य ने कहा, “टोल-फ्री 15100 या LSMS पोर्टल से सहायता लें।
13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत।”लीगल एड डिफेंस, बाल कल्याण समिति, पराविधिक स्वयंसेवक, पैनल अधिवक्ता आदि की वार्षिक समीक्षा हुई। कमियां दूर कर भावी योजना बनी। उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिवक्ता विपिन कुमार, विनोद कुमार, स्वयंसेवक वीरेंद्र कुमार व डलमऊ लीगल एड क्लिनिक को प्रशस्ति पत्र मिला। सदस्या प्रीति पांडेय, पैनल-मध्यस्थ अधिवक्ता व स्वयंसेवक उपस्थित रहे।यह शिविर न्याय की ज्योति बनी। रायबरेली प्रशासन ने संकल्प लिया हर गरीब को न्याय का हक!
Previous articleरायबरेली में विधिक जागरूकता रैली: न्याय सबका अधिकार
Next articleग्राम चौपाल: सीडीओ ने सुनीं जंगल कौड़िया की पुकार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here