गोरखपुर में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण शुरू, 7 फरवरी 2026 को अंतिम प्रकाशन
डीएम दीपक मीणा: हर पात्र मतदाता का नाम सूची में, कोई दोहराव नहीं
गोरखपुर। जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर गोरखपुर में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। 2003 के बाद पहली बार मतदाता सूची का गहन सत्यापन होगा, ताकि सूची त्रुटिरहित और अद्यतन हो।
घर-घर सत्यापन
बीएलओ प्रत्येक मतदान केंद्र पर घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाएंगे, प्रतिदिन 50 प्रपत्र का लक्ष्य है। बाहर रहने वाले मतदाताओं के लिए परिजन प्रपत्र भर सकते हैं। सही प्रपत्र भरने वालों का नाम अंतिम सूची में शामिल होगा। त्रुटि होने पर ईआरओ के समक्ष आपत्ति दाखिल की जा सकती है।
एक मतदाता, एक नाम
डीएम ने कहा, “एक व्यक्ति का नाम केवल एक विधानसभा में हो सकता है। दोहरे नाम की स्थिति में पुराना पता बताकर उसे हटवाएं।”
महत्वपूर्ण तिथियाँ
– गणना: 4 नवंबर-4 दिसंबर 2025
– ड्राफ्ट सूची: 9 दिसंबर 2025
– दावे/आपत्तियाँ: 9 दिसंबर 2025-8 जनवरी 2026
– निस्तारण: 31 जनवरी 2026 तक
– अंतिम सूची: 7 फरवरी 2026
मतदाता आँकड़े
2003 में 26.68 लाख मतदाता (14.87 लाख पुरुष, 11.81 लाख महिलाएं) थे। 2025 में 36.66 लाख (19.72 लाख पुरुष, 16.94 लाख महिलाएं, 246 अन्य) हो गए।
निर्वाचन व्यवस्था
9 विधानसभा क्षेत्र, 3,679 बीएलओ, 440 सुपरवाइजर, 3,679 मतदेय स्थल, 2,063 मतदान केंद्र। अधिकतम 1200 मतदाता प्रति केंद्र।
त्रुटि सुधार
मृत्यु, प्रवासन, विवाह या दोहरे पंजीकरण की त्रुटियाँ ठीक होंगी। बीएलओ आधार, पैन जैसे पहचान पत्रों से सत्यापन करेंगे।
सहयोग की अपील
डीएम ने राजनीतिक दलों और नागरिकों से सहयोग मांगा। “यह लोकतंत्र की नींव मजबूत करने का कार्य है। हर पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करें।”
डीएम का संदेश
“यह अभियान लोकतांत्रिक सहभागिता का आधार है। गोरखपुर हर पात्र मतदाता का नाम पारदर्शिता के साथ सूची में शामिल करेगा।”















