सीआरओ हिमांशु वर्मा की सख्त हिदायत: सहजनवा-दोहरीघाट रेल परियोजना में रुकावटें दूर करें, भूमि रजिस्ट्री तुरंत पूरी हो – पूर्वांचल की लाइफलाइन बनेगी 81 किमी नई रेल लाइन!
गोरखपुर। पूर्वी उत्तर प्रदेश की बहुप्रतीक्षित सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना को रफ्तार देने के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) हिमांशु वर्मा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अहम समीक्षा बैठक की। रेलवे, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी और संबंधित कर्मचारियों की मौजूदगी में सीआरओ ने लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों पर कड़ा रुख अपनाया।
सीआरओ वर्मा ने फटकार लगाते हुए कहा कि बिना देरी के रजिस्ट्री पूरी करें ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके। सहजनवा-दोहरीघाट रेल परियोजना पूर्वांचल के विकास की कुंजी है। 81 किलोमीटर लंबी इस लाइन से गोरखपुर-मऊ कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वाराणसी की दूरी 30 किलोमीटर कम हो जाएगी और व्यापार, उद्योग तथा रोजगार को बल मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज गति से पूरी की जाए। बाकी भू-स्वामियों की रजिस्ट्री प्राथमिकता पर निपटाई जाए तथा तकनीकी-दस्तावेजी अड़चनें तुरंत दूर की जाएं। रेलवे और पीडब्ल्यूडी आपसी समन्वय से साझा कार्ययोजना बनाएं, हर हफ्ते प्रगति रिपोर्ट दें और कोई समस्या हो तो तत्काल सूचित करें।
परियोजना 81 किलोमीटर लंबी है, जिसकी लागत करीब 1320 करोड़ रुपये है। इसमें सहजनवा, उरुवा बाजार, बार्हापार, दुबौली, दोहरीघाट आदि 12 नए स्टेशन बनेंगे। लक्ष्य 2027 तक परियोजना पूरी करना है। रेल अधिकारियों ने बताया कि इससे ग्रामीण क्षेत्र रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने समयबद्ध पूरा करने का संकल्प लिया। सीआरओ वर्मा ने कहा कि यह गोरखपुर के लिए मील का पत्थर बनेगी और सभी के सहयोग से निर्धारित समय से पहले रेल दौड़ेगी।















