युवक की मौत पर सड़क जाम: परिवार ने शव रख प्रदर्शन, बस तोड़ी, पुलिस से झड़प
गोरखपुर। गीडा थाना क्षेत्र के नौसढ़ चौकी अंतर्गत जवाहर चक गांव में पुरानी रंजिश के चलते 4 अक्टूबर को रॉड से हमले में घायल 40 वर्षीय हनुमान चौहान की सोमवार को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को शव घर पहुँचते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने खजनी मार्ग पर हरैया मोड़ के पास शव सड़क पर रख जाम लगाया और नौसढ़ चौराहे पर पहुँचकर हंगामा मचा दिया।
उग्र ग्रामीणों ने सरकारी बस का शीशा तोड़ दिया, जिससे वाराणसी हाइवे, खजनी और सहजनवा मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर प्रदर्शन समाप्त कराया।हनुमान चौहान, अदालत चौहान के पुत्र, घर पर खड़े थे जब रंजिश के चलते रोशन चौहान ने सिर पर रॉड से वार किया। पत्नी लक्ष्मीना की तहरीर पर पुलिस ने रोशन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। घायल हनुमान को पहले स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया, फिर लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान मौत हो गई। शव घर पहुँचते ही परिवार व ग्रामीण भड़क उठे।
उन्होंने खजनी मार्ग पर शव रख जाम लगाया, फिर नौसढ़ चौराहे पर पहुँचकर नारेबाजी शुरू कर दी।उग्र भीड़ ने पथराव किया, जिसमें मऊ डिपो की सरकारी बस का शीशा टूट गया। ग्रामीण दोषियों पर तत्काल कार्रवाई, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय की मांग कर रहे थे। एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ग्रामीणों को मनाने में जुटी रही।
श्रीवास्तव ने 48 घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ।शव को पोस्टमॉर्टम के लिए पिकअप में रखा गया, लेकिन ग्रामीण बिना कार्रवाई के शव ले जाने पर भड़क गए। उन्होंने वाहन से शव उतार दुर्गा मंदिर के पास सड़क पर रख दिया। इससे चारों तरफ जाम लग गया। खजनी मार्ग सबसे पहले अवरुद्ध हुआ, फिर सहजनवा हाइवे और वाराणसी हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
बाघागाड़ा तक ट्रैफिक ठप हो गया। शहर से निकलना मुश्किल हो गया।मामला बढ़ता देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। ग्रामीणों और पुलिस में नोकझोंक हुई, हाथापाई की नौबत आ गई। आखिरकार समझने पर ग्रामीण शांत हुए। एसपी श्रीवास्तव ने कहा, “मामले की गहन जांच होगी। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। परिवार को न्याय मिलेगा।” पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।















