पुलिस स्मृति दिवस: शहीदों को श्रद्धांजलि, बलिदान की गाथा
संतकबीरनगर। मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस पर रिजर्व पुलिस लाइन में एक भावनात्मक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित हुआ। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन वीर पुलिसकर्मियों को नमन किया, जिन्होंने कर्तव्यपथ पर प्राण न्योछावर किए। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, जो उनके अमर बलिदान को याद दिलाता रहा।पुलिस स्मृति दिवस की शुरुआत 21 अक्टूबर 1959 से जुड़ी है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में चीनी सैनिकों ने सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर घात लगाकर हमला किया। इस भीषण मुठभेड़ में 10 जवान शहीद और 7 घायल हुए। इस घटना ने पुलिस बल के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को अमर कर दिया। 1960 में पुलिस महानिरीक्षकों की बैठक में इस दिन को राष्ट्रीय पुलिस दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया, जो हर साल शहीदों के सम्मान में मनाया जाता है।समारोह में एसपी संदीप कुमार मीना ने शहीदों की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर सलामी दी। उन्होंने 2024-25 में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की शहादत की चर्चा की, जो सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। “शहीदों का बलिदान हमें कर्तव्य के प्रति निष्ठावान बनाता है
उनकी याद में हम अपने दायित्वों को और मजबूती से निभाएंगे,” मीना ने कहा।कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अजय सिंह, मेंहदावल सर्व दवन सिंह, धनघटा प्रियम राजशेखर पांडेय, प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी अमित कुमार, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव, पीआरओ दुर्गेश पांडेय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
शोक परेड और मौन का पल वातावरण को भावुक कर गया, जहाँ हर कोई शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करता दिखा।इस दिवस का थीम गीत “इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना, रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना, लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने, ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना” शहीदों के बलिदान को सलाम करता है। यह पंक्तियाँ पुलिस परिवार के लिए संकल्प की तरह हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों को याद रखने का आह्वान करती हैं।श्रद्धांजलि समारोह न केवल शहीदों को सम्मान देने का अवसर था, बल्कि पुलिसकर्मियों के लिए कर्तव्य और अनुशासन का पाठ भी।
संदीप कुमार मीना ने कहा, “शहीदों की कुर्बानी हमें प्रेरित करती है कि हम उनकी विरासत को आगे बढ़ाएँ।” यह दिन पुलिस बल की एकजुटता और देशभक्ति का प्रतीक बना, जो आने वाले समय में भी शहीदों की याद को जीवंत रखेगा।















