पुलिस स्मृति दिवस: शहीदों को नमन, बलिदान की अमर गाथा
गोरखपुर। कर्तव्य की मिसाल बन चुके वीर पुलिस शहीदों की स्मृति में मंगलवार को पुलिस लाइन गोरखपुर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह और शोक परेड का आयोजन हुआ। यह पल न केवल शहीदों के बलिदान को सलाम था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कर्तव्यनिष्ठा का संदेश भी। 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में चीनी हमले में शहीद हुए उप पुलिस अधीक्षक करम सिंह और 10 सीआरपीएफ जवान की स्मृति में मनाया जाने वाला यह दिवस हर वर्ष पुलिसकर्मियों के हृदय में नई ऊर्जा भर देता है।
समारोह में एडीजी जोन मुथा अशोक जैन, डीआईजी रेंज डॉ. एस. चन्नप्पा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर सहित सभी राजपत्रित अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष, सेवानिवृत्त पीएसी जवान और पुलिस लाइन के कर्मी उपस्थित हुए। शहीदों की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। शोक परेड में सभी ने दो मिनट का मौन रखा, जबकि पुलिस बैंड की शोक धुन ने वातावरण को भावुक कर दिया। यह दृश्य शहीदों के अदम्य साहस की याद दिलाता रहा, जो आंतरिक सुरक्षा की मजबूत दीवार थे।
एडीजी मुथा अशोक जैन ने संबोधन में कहा, “देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हमारे जवान प्रतिदिन प्राण न्योछावर करते हैं। हॉट स्प्रिंग की घटना पुलिस बल के साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। यह दिवस हमें उन अमर वीरों की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। हमें शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए निष्ठावान रहना चाहिए।” उन्होंने जोर दिया कि पुलिस स्मृति दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन और बलिदान की प्रेरणा का प्रतीक है। “शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा; हम उनकी विरासत को मजबूत करेंगे।
‘कार्यक्रम में एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी रेलवे लक्ष्मी नारायण मिश्रा, एसपी साउथ जितेंद्र कुमार, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय, एसपी निहारिका त्यागी, एसपी अनिल कुमार, एसपी रचना मिश्रा, सभी सीओ, निरीक्षकगण, पुलिस लाइन के अधिकारी-कर्मचारी तथा एआईयू अधिकारी उपस्थित रहे। यह समारोह पुलिस परिवार की एकजुटता का प्रतीक बना, जहाँ हर चेहरा शहीदों के सम्मान में उजागर था।
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों पर चीनी सैनिकों का हमला हुआ था। इस घटना में उप पुलिस अधीक्षक करम सिंह सहित 10 जवान शहीद हो गए। उनकी वीरता की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है, जो पुलिसकर्मियों को कर्तव्य के प्रति प्रेरित करता है। आज के दौर में, जब आंतरिक सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, यह दिवस हमें याद दिलाता है कि शहीदों का बलिदान देश की एकता और अखंडता की रक्षा का आधार है।यह समारोह न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि था, बल्कि पुलिस परिवार के लिए संकल्प का पल भी।
एडीजी जैन ने कहा, “शहीदों की तरह हमें भी कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए।
उनका बलिदान हमें मजबूत बनाता है।” कार्यक्रम का समापन शहीदों के सम्मान में सलामी के साथ हुआ, जो वातावरण में देशभक्ति की लहर पैदा कर गया। गोरखपुर पुलिस ने इस दिवस को एक नई ऊर्जा के साथ मनाया, जो आने वाले त्योहारों में सुरक्षा को और मजबूत करने का संदेश देता है.















