डीएम दीपक मीणा की सख्त हिदायत: मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करें
गोरखपुर। शनिवार को कलेक्ट्रेट के पर्यटन भवन सभागार में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की उपस्थिति में डीएम ने योजना के तहत पात्र किसानों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से प्रदान करने के सख्त निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा, “यह धनराशि जरूरतमंद किसानों और उनके परिवारों के लिए है।
एक भी पैसा गलत हाथों में नहीं जाना चाहिए।” उन्होंने सभी प्रार्थना पत्रों की सघन जांच एक सप्ताह में पूर्ण करने और मृत्यु प्रमाणपत्र, खतौनी, बैंक विवरण जैसे दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। डीएम ने ई-परवाना पोर्टल और रियल टाइम खतौनी (RTC) के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह फर्जीवाड़े को रोकने और सटीकता सुनिश्चित करने का प्रभावी उपाय है।सख्त लहजे में डीएम ने चेताया, “टेबल के नीचे कोई काम नहीं होगा, हर कार्य टेबल के ऊपर पारदर्शी ढंग से हो।” उन्होंने योजना को भ्रष्टाचार या पक्षपात से मुक्त रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, जो गरीब और जरूरतमंद किसानों के लिए संजीवनी का काम करती है।
मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा ने बताया कि सभी प्रकरणों की सूची तैयार है और तहसील स्तर पर जांच तेजी से चल रही है। सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित होगी।
डीएम ने लापरवाही या फर्जी भुगतान की शिकायत पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। “शासन की मंशा किसानों को न्याय और राहत देना है। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी,” उन्होंने कहा। अंत में, उन्होंने तहसीलदारों को एक सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट सौंपने और केवल पात्र लाभार्थियों को राशि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह बैठक प्रशासन की पारदर्शिता और जनहित के प्रति समर्पण का प्रतीक बनी।















