ज्ञान के युगपुरुष पंडित सूर्य नारायण चतुर्वेदी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
संतकबीरनगर। पूर्वांचल के शिक्षा जगत में ‘मालवीय’ के रूप में विख्यात पंडित सूर्य नारायण चतुर्वेदी की सातवीं पुण्यतिथि उनके पैतृक गांव भिठहा में गहन श्रद्धा के साथ मनाई गई। श्रद्धांजलि सभा में शिक्षाविदों, समाजसेवियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, शिक्षकों और छात्रों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्य आज भी पूर्वांचल में ज्ञान की ज्योति जला रहे हैं।
पंडित चतुर्वेदी ने जीवन शिक्षा के प्रचार-प्रसार को समर्पित किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक संस्थानों की स्थापना कर हजारों बच्चों के सपनों को उड़ान दी। उनकी प्रेरणा आज भी लाखों दिलों में जीवित है। सभा में वैदिक मंत्रों के साथ उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई, जिसने वातावरण को भावुक और आध्यात्मिक बना दिया।
चतुर्वेदी परिवार की मुखिया चन्द्रावती देवी के मार्गदर्शन में पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण चतुर्वेदी, डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी, सविता चतुर्वेदी, राकेश चतुर्वेदी, शिखा चतुर्वेदी सहित परिवारजनों ने ब्राह्मणों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। जरूरतमंदों को वस्त्र, मिष्ठान और नकद धनराशि वितरित की गई।
सभा में जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नित्यानंद, सपा नेता गौहर खान, प्रो. ओपी पांडेय सहित हजारों लोग शामिल हुए। पंडित सूर्य नारायण की स्मृति एक अमर गाथा है, जो शिक्षा और समाजसेवा के आदर्शों को जीवित रखेगी। यह सभा उनके संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रतीक बनी।















