शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में 24 अगस्त को रैफेलो प्रोसीजर कार्यशाला
बवासीर, फिस्टुला, फिशर और वैरिकोज वेन के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग
गरीब मरीजों के लिए निशुल्क ऑपरेशन की सुविधा, आयुष्मान कार्डधारकों को लाभ
डॉ. शिव शंकर शाही ने नई तकनीक से इलाज पर दिया जोर
गोरखपुर।बवासीर (पाइल्स), फिस्टुला (नासूर), फिशर और वैरिकोज वेन जैसी जटिल बीमारियों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए शाही ग्लोबल हॉस्पिटल, गोरखपुर में 24 अगस्त 2025 को रैफेलो प्रोसीजर (रेडियो फ्रीक्वेंसी अबलेशन) पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस नई तकनीक को लेजर और स्टेपलर विधियों के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे इन बीमारियों का लगभग जड़ से इलाज संभव होगा।
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के चेयरमैन और वरिष्ठ सर्जन डॉ. शिव शंकर शाही ने बताया कि वे 2005 से लेजर और स्टेपलर तकनीक से हजारों ऑपरेशन कर चुके हैं। रैफेलो प्रोसीजर के जरिए अब और सटीक इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य गोरखपुर और आसपास के सर्जनों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करना है, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके। हाल ही में 20 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गोरखपुर में भी लेजर और स्टेपलर विधि पर कार्यशाला आयोजित की गई थी।
डॉ. शाही ने गरीब मरीजों के लिए विशेष सुविधा की घोषणा करते हुए कहा कि 24 अगस्त को रैफेलो प्रोसीजर से निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। मरीजों को केवल दवा और जांच का खर्च वहन करना होगा। इसके लिए मरीजों को 23 अगस्त की शाम तक हॉस्पिटल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आयुष्मान कार्डधारकों के लिए यह सुविधा पहले से ही निशुल्क उपलब्ध है और आगे भी रहेगी।
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल ने मरीजों से अपील की है कि बवासीर, फिस्टुला, फिशर या वैरिकोज वेन से पीड़ित लोग इस अवसर का लाभ उठाएं। यह पहल गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।















