मारपीट और SC/ST एक्ट के मामले में 15 साल बाद तीन आरोपी दोषमुक्त
विशेष न्यायाधीश भूपेंद्र राय ने साक्ष्य के अभाव में दिया संदेह का लाभ
2010 में ताड़ी के पैसे मांगने पर मारपीट और धमकी का था आरोप
संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश SC/ST एक्ट भूपेंद्र राय की अदालत ने मेंहदावल थाना क्षेत्र के एक पुराने मामले में तीन आरोपियों नाटे उर्फ अरुण सिंह, डब्लू उर्फ विश्वजीत सिंह और गुड्डू उर्फ महेंद्र सिंह को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यह मामला 21 मई 2010 का है, जिसमें मारपीट, अपशब्द और SC/ST एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे।
मामले के अनुसार, मेंहदावल उत्तरपट्टी के मंगरू पासी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 21 मई 2010 की शाम 6:30 बजे उनके बेटे ने ताड़ के पेड़ के नीचे ताड़ी उतारकर रखी थी। आरोप था कि उत्तरपट्टी के नाटे उर्फ अरुण सिंह, डब्लू उर्फ विश्वजीत सिंह, गुड्डू उर्फ महेंद्र सिंह और ब्रह्मदेव तिवारी ने ताड़ी पी ली और पैसे मांगने पर अपशब्द कहते हुए मारपीट की। इस दौरान मंगरू के बेटे की उंगली फ्रैक्चर हो गई और आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर मेंहदावल थाने में केस दर्ज हुआ और विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। विचारण के दौरान ब्रह्मदेव तिवारी की मृत्यु हो गई।
विशेष न्यायाधीश ने गवाहों की गवाही, पक्षों की बहस और पत्रावली के अवलोकन के बाद पाया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला 15 साल पुराने इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।















