डीएम आलोक कुमार के औचक निरीक्षण में 33 अफसर-कर्मचारी अनुपस्थित, वेतन रोका गया
सुबह 10:30 बजे विकास भवन पहुंचे डीएम, साफ-सफाई पर भी जताई नाराजगी
लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
संतकबीरनगर। जिलाधिकारी (डीएम) आलोक कुमार ने बुधवार को विकास भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाने के लिए औचक निरीक्षण किया। सुबह 10:30 बजे किए गए इस निरीक्षण में सांख्यिकी विभाग के चार अधिकारियों सहित जिला बचत अधिकारी और कुल 33 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर सभी के वेतन को अग्रिम आदेश तक बाधित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव, अपर सांख्यिकीय अधिकारी शिव कुमार पांडेय, सहायक सांख्यिकीय अधिकारी मनोज कुमार मिश्र, सांख्यिकीय अधिकारी सत्य प्रकाश, अपर जिला बचत अधिकारी उग्रसेन प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कनिष्ठ सहायक संतराम, मत्स्य विभाग के भूपेंद्र कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के चालक दयासागर, सहायक निबंधन एवं सहकारिता विभाग की सीओ कुमारी साधना, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के कुलदीप कुमार, देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, केसी मिश्र, ग्रामीण अभियंत्रण कार्यालय के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार चौधरी, सहायक अभियंता एहतेशाम खान, लेखाधिकारी आरईडी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलाधीश पांडेय, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीश चंद्र, जिला युवा कल्याण अधिकारी राम प्रताप सिंह, पर्यटन अधिकारी विकास नारायण, जिला पंचायत राज कार्यालय के रविकांत सिंह (18-20 अगस्त तक), समाज कल्याण कार्यालय के उमेश वर्मा (19-20 अगस्त), जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के लोकनाथ यादव (15-20 अगस्त), कौशल विकास मिशन के प्रशांत कुमार मिश्र, लघु सिंचाई कार्यालय के अश्वनी कुमार शुक्ल, सुनील कुमार, माया देवी, सत्येंद्र कुमार, राममूर्ति चौधरी, जिला विकास कार्यालय के धर्मेंद्र कुमार पाल, विशुन देव और समाज कल्याण कार्यालय के अजय कुमार द्विवेदी अनुपस्थित मिले।
डीएम ने कार्यालयों में साफ-सफाई की खराब स्थिति और गंदे आरओ बेसिन पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने भवन की पेंटिंग के लिए चार दिन में एस्टीमेट तैयार करने का आदेश दिया। यह कार्रवाई प्रशासनिक अनुशासन और कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है















