बाढ़ चौपाल में डलमऊ SDM ने ग्रामीणों को किया जागरूक, आपदा प्रबंधन के लिए सख्त निर्देश।
चार करोड़ की लागत से बाढ़ सुरक्षा की पहल
चौपाल में SDM ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चार करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इसमें बांधों की मरम्मत, नदी किनारों का सुदृढ़ीकरण और आपदा राहत केंद्रों की स्थापना शामिल है। यह पहल ग्रामीणों को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
रायबरेली। सोमवार बाढ़ के खतरों से निपटने और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए तहसील डलमऊ के ग्राम जमाल नगर, मोहद्दीनपुर में उपजिलाधिकारी (SDM) सत्येंद्र सिंह की अध्यक्षता में बाढ़ चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में राजस्व, विकास, कृषि, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, बाल पुष्टाहार और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिससे आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूती मिली।
SDM सत्येंद्र सिंह ने ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव और तैयारियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर आवागमन, आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, पानी और दवाइयों का भंडारण, और आपातकालीन सेवाओं जैसे पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करने की जानकारी दी। बाढ़ के दौरान राहत सामग्री वितरण, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। SDM ने जोर देकर कहा कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयारी और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
चौपाल में आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए। SDM ने कहा, “क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर स्थिति का जायजा लें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।” उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय मजबूत हो, ताकि बाढ़ की स्थिति में प्रभावी और त्वरित राहत कार्य किए जा सकें।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल हरिओम त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चौपाल में सक्रिय भागीदारी निभाई और बाढ़ से बचाव के उपायों को गंभीरता से समझा। यह आयोजन न केवल जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु भी स्थापित किया।















