कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रभात पांडेय की बहन से बंधवाई राखी, परिवार को दिया न्याय का भरोसा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रभात पांडेय की बहन से बंधवाई राखी, परिवार को दिया न्याय का भरोसा।

 

सहजनवां, गोरखपुर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर 8 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान मृत यूथ कांग्रेस नेता प्रभात पांडेय के देईपार (गोरखपुर) स्थित घर पहुंचकर उनकी बहन नेहा से राखी बंधवाई। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए न्याय का आश्वासन दिया। प्रभात की मृत्यु के बाद यह पहला मौका था जब कोई प्रमुख कांग्रेसी नेता उनके घर पहुंचा, जिससे परिवार को भावनात्मक राहत मिली।

 

18 दिसंबर 2024 को लखनऊ में कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान 28 वर्षीय प्रभात पांडेय की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। प्रारंभिक पोस्टमार्टम में हृदयाघात को कारण बताया गया, लेकिन परिवार ने हत्या की आशंका जताई। प्रभात के चाचा मनीष पांडेय की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। आठ महीने बीतने के बावजूद जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, जिससे परिवार सदमे में है। 

 

प्रभात की मां भावुक होकर बोलीं, “मेरे बेटे की मौत का कारण आज तक स्पष्ट नहीं हुआ।” पिता दीपक कुमार पांडेय, जो एक एलआईसी एजेंट हैं, ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलने की इच्छा जताई। अजय राय ने आश्वासन दिया कि 25 सितंबर 2025 को राहुल गांधी उनसे मिलेंगे। राय ने प्रदेश सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा, “प्रभात की मृत्यु हत्या है, न कि सामान्य मौत। सरकार को जांच तेज कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।” उन्होंने कांग्रेस की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सरकार से 1 करोड़ रुपये मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की।

 

इस अवसर पर राजेश त्रिपाठी, इंद्र भूषण शुक्ला, उत्कर्ष पांडेय, सीपी राय, हजारी जायसवाल, अमित पांडे, सत्येंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार, मनोज यादव, राम अवतार, विनोद कुमार, राजू पांडे, अभिजीत पाठक, रामेश्वर, सूरज यादव, विजय सिंह, गणेश यादव, श्रवण कुमार पांडेय, संजय सिंह, राकेश यादव, सत्येंद्र निषाद, यशवंत पाठक, आलोक शुक्ला, और बाबूलाल प्रजापति सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने परिवार को हर संभव सहायता और न्याय की लड़ाई में साथ देने का वचन दिया। यह दौरा परिवार के लिए भावनात्मक समर्थन के साथ-साथ न्याय की उम्मीद को मजबूत करने वाला रहा। 

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