पाली पीएचसी में चिकित्सक और पेयजल की कमी, मरीज परेशान
गोरखपुर। सहजनवां तहसील के दक्षिणांचल में स्थित पाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कई वर्षों से बिना चिकित्सक के संचालित हो रहा है, जिससे मरीजों को इलाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी और बढ़ गई है।
पाली ब्लॉक के आसपास के गांवों के लिए कटसहरा में अतिरिक्त पीएचसी स्थापित है, लेकिन वहां भी सुविधाएं नाकाफी हैं। पाली पीएचसी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सुनील यादव का कई वर्ष पहले स्थानांतरण हो गया, और तब से कोई नया चिकित्सक नियुक्त नहीं किया गया। पिछले चार वर्षों से यह केंद्र केवल एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। अस्पताल परिसर में 1000 लीटर की पानी की टंकी बेकार पड़ी है, और शुद्ध पेयजल की कमी मरीजों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। भवन की रंगाई-पुताई और रखरखाव का अभाव है, परिसर में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं, जिससे मरीजों को आने-जाने में डर लगता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुविधाओं के अभाव में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर होना पड़ता है, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा है। थर्रापार सीएचसी अधीक्षक डॉ. सतीश सिंह ने बताया कि चिकित्सक के स्थानांतरण के बाद नए डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई। उन्होंने चिकित्सक नियुक्ति की मांग की है और व्यवस्थाओं को सुधारने का आश्वासन दिया।















