एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में चकबंदी विभाग की समीक्षा, अविवादित वरासत निस्तारण पर जोर
रायबरेली। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव की अध्यक्षता में चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। एडीएम ने अविवादित वरासत प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर बल देते हुए निर्देश दिए कि चकबंदी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से तेजी से पूरा किया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को समय पर लाभ मिल सके।
एसओसी केलकर सिंह ने बताया कि जनपद के 27 गांवों में चकबंदी कार्य चल रहा है, जिनमें सदर (13), महराजगंज (5), सलोन (6), लालगंज (1), ऊंचाहार (1) और डलमऊ (1) शामिल हैं। चार गांवों में चक सीमांकन का कार्य प्रस्तावित था, जिसमें हाजीपुर, डीह और बरवलिया में सीमांकन पूरा कर कब्जा दिला दिया गया, जबकि एक गांव में कार्य शेष है।
एडीएम ने पाया कि कुछ चकबंदीकर्ताओं और लेखपालों ने अविवादित वरासत से संबंधित आंकड़ों का स्पष्ट और व्यवस्थित विवरण प्रस्तुत नहीं किया। इस लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने अगले दिन पूरी तैयारी के साथ सटीक और अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने चकबंदी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा राजस्व और चकबंदी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर भूमि विवादों को शीघ्र निपटाने पर जोर दिया।
बैठक में सीओ चकबंदी अशोक पांडेय, सभी चकबंदीकर्ता, लेखपाल और कर्मचारी उपस्थित रहे।















