संचारी रोग नियंत्रण की तैयारियां तेज: डीएम की अध्यक्षता में बैठक, 1 से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान।
संतकबीरनगर: जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में 23 जून 2025 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, रोगी कल्याण समिति, जिला क्षय रोग समिति, और संचारी रोग नियंत्रण/दस्तक अभियान की अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में 1 से 31 जुलाई 2025 तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों की प्रगति और गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के लिए चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा, एएनएम, और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित चिकित्सा प्रभारी (एमओआईसी) को ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रूटीन रजिस्टर और आशा डायरी की नियमित जांच करने, गांवों में भ्रमण कर कार्यों का सत्यापन करने, और जनता से फीडबैक लेने का आदेश दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने बताया कि राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 1 से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों के साथ समन्वय कर जनता को वेक्टर जनित रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, जापानी इंसेफलाइटिस) और अन्य संचारी रोगों के बचाव, उपचार, और जागरूकता के लिए काम करेगा। अभियान की मॉनिटरिंग विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ, और अन्य स्वास्थ्य संगठन करेंगे।
दस्तक अभियान के तहत आशा, एएनएम, और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, जापानी इंसेफलाइटिस (जेई), और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एई) के मरीजों की पहचान करेंगे। तेज बुखार के मामलों को 102/108 एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी सीएचसी या पीएचसी भेजा जाएगा। टीमें घरों में कूलर, टूटे बर्तन, गमले, टायर, और पानी जमा होने वाली जगहों की जांच करेंगी, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। जनता को संचारी रोगों से बचाव के सुरक्षात्मक उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों कृषि, पशुपालन, नगरपालिका, पंचायती राज को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरपालिका और नगर विकास विभाग को नालियों की सफाई, अपशिष्ट जल निकासी, और फॉगिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया। ग्राम प्रधानों और निगरानी समितियों को गांवों में घर-घर जाकर बच्चों और महिलाओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वी.पी. पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, स्वास्थ्य समिति के सदस्य, और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। यह अभियान जिले में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण और जनजागरूकता के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।















