बांसपार की डिजिटल लाइब्रेरी: शिक्षा और आय का नया द्वार।
गोरखपुर: कौड़ीराम ब्लॉक के बांसपार गांव में पंचायत द्वारा स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी न केवल बच्चों की शिक्षा को नई दिशा दे रही है, बल्कि ग्राम पंचायत के लिए आय का स्रोत भी बन रही है। उप निदेशक पंचायत राज हिमांशु शेखर ठाकुर ने हाल ही में इस अनूठी पहल का निरीक्षण किया और इसे ग्रामीण विकास का प्रेरक मॉडल बताया।
यह डिजिटल लाइब्रेरी आधुनिक तकनीक से लैस है, जहां प्रतिदिन 50 से अधिक बच्चे ज्ञानार्जन के लिए आते हैं। यहां डिजिटल सामग्री, ई-बुक्स और इंटरनेट सुविधा के साथ परंपरागत किताबें भी उपलब्ध हैं, जो बच्चों को नई तकनीक के साथ-साथ पारंपरिक पढ़ाई का अवसर देती हैं। यह लाइब्रेरी ग्रामीण बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को उज्जवल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
हिमांशु शेखर ठाकुर ने निरीक्षण के दौरान लाइब्रेरी के संचालन और इसके प्रभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी है, बल्कि ग्राम पंचायत के लिए आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। लाइब्रेरी से प्राप्त आय का उपयोग गांव के अन्य विकास कार्यों में किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।
यह डिजिटल लाइब्रेरी बांसपार को शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बना रही है। स्थानीय बच्चों के बीच बढ़ती रुचि और पंचायत की यह नवाचारी सोच अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मॉडल को अन्य गांवों में भी लागू करने की दिशा में काम किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रसार हो। यह पहल बांसपार को न केवल ज्ञान का केंद्र बना रही है, बल्कि ग्रामीण भारत के डिजिटल सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है।















