साइबर अपराध पर लगाम:  संतकबीरनगर में 10,000 पोस्टर और 50,000 पंपलेट के साथ जागरूकता अभियान।

साइबर अपराध पर लगाम: 

संतकबीरनगर में 10,000 पोस्टर और 50,000 पंपलेट के साथ जागरूकता अभियान।

 

संतकबीरनगर: साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए संतकबीरनगर पुलिस ने व्यापक जागरूकता अभियान की रूपरेखा तैयार की है। इस अभियान के तहत जिले में 10,000 पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएंगे और 50,000 पंपलेट वितरित किए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीना के नेतृत्व में तैयार इस कार्ययोजना का लक्ष्य लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए जागरूक करना और सतर्कता के उपाय सिखाना है। अभियान जल्द शुरू होगा।

आधुनिक हाईटेक युग में अपराधी नए-नए तरीकों से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। चोरी, लूट और डकैती जैसे पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जो पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। साइबर ठग फर्जी कॉल, लॉटरी ऑफर, फिशिंग लिंक, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसे देखते हुए शासन ने जिला स्तर पर साइबर थाने और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। फिर भी, जनसुनवाइयों में साइबर अपराध के मामले बढ़ने से एसपी ने इसे गंभीरता से लिया है।

जागरूकता अभियान की रूपरेखा

पुलिस की कार्ययोजना के तहत जिला मुख्यालय, तहसील और ब्लॉक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलक्ट्रेट, पुलिस लाइंस, तहसीलों और थानों में साइबर विशेषज्ञ लोगों को ठगी से बचाव के तरीके बताएंगे। थाना समाधान दिवस और तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान बैनर-पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे और साइबर अपराध से संबंधित डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई जाएगी। यह फिल्म लोगों को साइबर ठगी के तौर-तरीकों और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करेगी। 

साइबर ठगी से बचाव के उपाय

एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि साइबर अपराधी लालच, डर और लापरवाही का फायदा उठाकर ठगी करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी निजी जानकारी, जैसे बैंक खाता विवरण, ओटीपी, या पासवर्ड, किसी के साथ साझा न करें। अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा करने से बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। बस्ती साइबर थाने (मोबाइल: 7839876674, ईमेल: so-cyberthana-gr@up-gov.in) पर भी संपर्क कर पुलिस की मदद ली जा सकती है। 

जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

एसपी ने जोर देकर कहा कि साइबर अपराध से बचाव का एकमात्र उपाय जागरूकता और सतर्कता है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। युवाओं को विशेष रूप से लक्षित किया जाएगा, क्योंकि वे गेमिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए साइबर ठगी का शिकार बन सकते हैं। साइबर विशेषज्ञ मजबूत पासवर्ड बनाने, संदिग्ध लिंक से बचने, और एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करने की सलाह देंगे। 

प्रमुख सुझाव  

अनजान कॉल या मैसेज पर बैंक विवरण, ओटीपी, या पासवर्ड साझा न करें।  

फर्जी लॉटरी, टावर लगाने, या निवेश ऑफर से सावधान रहें। 

ऑनलाइन भुगतान के लिए केवल सुरक्षित और विश्वसनीय वेबसाइट (gov.in डोमेन वाली) का उपयोग करें।  

मोबाइल और कंप्यूटर में एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर अपडेट रखें।  

साइबर ठगी की शिकायत तुरंत हेल्पलाइन 1930 या साइबर सेल पर करें।

यह अभियान न केवल साइबर अपराधों पर लगाम लगाएगा, बल्कि जनता को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सशक्त बनाएगा। संतकबीरनगर पुलिस का यह प्रयास क्षेत्र में साइबर जागरूकता को बढ़ावा देने और लोगों को ठगी से बचाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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