तीसरी आंख’ ने ढूंढ निकाला ढाई लाख का पर्स: ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी से सुमन को मिला खोया सामान।

‘तीसरी आंख’ ने ढूंढ निकाला ढाई लाख का पर्स: ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी से सुमन को मिला खोया सामान।

 

गोरखपुर: इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की सजग ‘तीसरी आंख’ ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। बलिया से गोरखपुर आई सुमन का ऑटो में छूटा पर्स, जिसमें ढाई लाख रुपये के गहने, नकदी और मोबाइल था, ट्रैफिक पुलिस ने बरामद कर उनके पति को सौंप दिया। इस नेक काम के लिए सुमन के पति ने पुलिस को दिल से धन्यवाद दिया।

शनिवार को सुमन ट्रेन से गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और गेट नंबर एक से ऑटो लेकर नंदानगर स्थित सैनिक विहार कॉलोनी के लिए निकलीं। ऑटो से उतरते समय उनका पर्स अनजाने में वही छूट गया। घर पहुंचकर पर्स गायब होने का एहसास होते ही सुमन ने तुरंत ट्रैफिक पुलिस से संपर्क किया। 

पुलिस ने बिना देरी किए आईटीएमएस के सीसीटीवी फुटेज की मदद से ऑटो और चालक की पहचान की। इसके बाद पर्स को बरामद कर सुमन के पति को सौंपा गया, जिसमें गहने, मोबाइल और नकदी सब सुरक्षित थे। 

एसपी ट्रैफिक संजय कुमार ने बताया कि आईटीएमएस न केवल शहर को जाम से मुक्ति दिलाने में कारगर है, बल्कि खोए हुए सामान, मोबाइल, बैग और गुमशुदा लोगों को ढूंढने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। “लोगों की शिकायत पर हम तुरंत एनाउंसमेंट और सीसीटीवी के जरिए कार्रवाई शुरू करते हैं। आम लोग भी सहयोग करते हैं और खोया सामान पुलिस को सौंप देते हैं,” उन्होंने कहा। 

यह घटना न केवल ट्रैफिक पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि आईटीएमएस की तकनीकी ताकत और सामुदायिक सहयोग की मिसाल भी पेश करती है।

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