नोडल अधिकारी बी. चंद्रकला का रायबरेली में सक्रिय निरीक्षण:जल, महिला, बालिका और गोवंश कल्याण पर जोर 

नोडल अधिकारी बी. चंद्रकला का रायबरेली में सक्रिय निरीक्षण:जल, महिला, बालिका और गोवंश कल्याण पर जोर ।

रायबरेली,

उत्तर प्रदेश महिला कल्याण विभाग की सचिव व नोडल अधिकारी बी. चंद्रकला ने रायबरेली जिले में विभिन्न योजनाओं और केंद्रों का सघन निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उनके दौरे में जल जीवन मिशन, वन स्टॉप सेंटर, बाल गृह (बालिका) और कान्हा उपवन शामिल रहे, जहां उन्होंने योजनाओं की गुणवत्ता, कार्यान्वयन और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया। 

हर घर नल योजना का स्थलीय निरीक्षण

बी. चंद्रकला ने डलमऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामपुर गहिरखेत में जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल’ योजना की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने घर-घर जाकर नल कनेक्शन, जल शुद्धता और पानी के दबाव की स्थिति जांची। ग्राम प्रधान शिवकुमार यादव ने बताया कि 90% घरों में नल से जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने कम दबाव की शिकायत की। नोडल अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं कम दबाव की समस्या का निरीक्षण कर जल जीवन मिशन के अभियंता से इसे ठीक करवाया। 

जनसभा में ग्रामीणों से संवाद के दौरान चंद्रकला ने शुद्ध पेयजल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक है। नवनिर्मित पंप हाउस का दौरा कर उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति और तकनीकी व्यवस्था की जांच की, साथ ही परिसर में पौधारोपण भी किया। पूरे गुरु गांव में नल से जल की गुणवत्ता का अवलोकन कर ग्रामीणों से फीडबैक लिया, जिन्होंने शुद्ध पानी की उपलब्धता से जीवन स्तर में सुधार की बात स्वीकारी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, उपजिलाधिकारी अहमद फरीद और जल जीवन मिशन के अभियंता ए. रहमान मौजूद रहे।

वन स्टॉप सेंटर: महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं

महानंदपुर के वन स्टॉप सेंटर के औचक निरीक्षण में चंद्रकला ने साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और निराश्रित महिलाओं व बालिकाओं को दी जा रही विधिक व स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। केंद्र की मैनेजर आस्था ज्योति को नियमित काउंसलिंग और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। 

बाल गृह (बालिका): रचनात्मकता और पुनर्वास पर जोर

चक धरौहरा स्थित बाल गृह (बालिका) के निरीक्षण में नोडल अधिकारी ने बालिकाओं की हस्तनिर्मित कलाकृतियों की सराहना की। संचालक अरुण कुमार मिश्रा को चित्रकला, संगीत, सिलाई-कढ़ाई जैसे रचनात्मक प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उपस्थिति रजिस्टर की जांच के साथ उन्होंने बालिकाओं के अभिभावकों से संपर्क कर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करने को कहा। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा और अधीक्षका नीतू सिंह इस दौरान मौजूद रहीं।

कान्हा उपवन: गोवंश कल्याण पर ध्यान

बछरावां के कान्हा उपवन में चंद्रकला ने गोवंशों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। भोजन, पानी, प्रकाश और चिकित्सा व्यवस्था की जांच कर उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार को संक्रमित गोवंशों के क्वारंटाइन और उपचार, साथ ही सभी पशुओं की टैगिंग और निर्धारित चार्ट के अनुसार चारा-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंशों को फल और गुड़ भी खिलाया। 

नोडल अधिकारी के इस दौरे ने ग्रामीण विकास, महिला-बालिका कल्याण और पशु देखभाल में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए, जिससे योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हुआ।

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