रायबरेली का कमाल: संचारी रोग नियंत्रण में प्रदेश में अव्वल
रायबरेली,
रायबरेली ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (एसएनसीए) और दस्तक अभियान में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। शासन की मॉनिटरिंग इंडीकेटर्स डिस्ट्रिक्ट स्कोरिंग शीट के अनुसार, जिले ने 96 अंकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नवीन चन्द्रा ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि यह जिले के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वेक्टर बॉर्न) डॉ. श्री कृष्णा ने बताया कि 1 से 30 अप्रैल तक चले एसएनसीए और 11 से 30 अप्रैल तक चले दस्तक अभियान में जिले ने मच्छर जनित बीमारियों के नियंत्रण और जागरूकता में उल्लेखनीय कार्य किया।
अभियान के तहत मच्छरों की ब्रीडिंग रोकने के लिए उनके स्रोत नष्ट किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने पंपलेट, पोस्टर, बैनर और माइकिंग के जरिए लोगों को मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया। दस्तक अभियान में बुखार, इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों (आईएलआई), कुपोषित बच्चों, टीबी और फाइलेरिया के संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तक पहुंचाई गई।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने बताया कि पंचायती राज सहित सभी विभागों के सहयोग से यह सफलता मिली। उन्होंने कहा कि मलेरिया और डेंगू जैसे रोग एनाफिलीज और एडीज मच्छरों के काटने से फैलते हैं, जो ठहरे साफ पानी में पनपते हैं। इनसे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग साल में तीन बार विशेष अभियान और हर रविवार को “मच्छर पर वार” कार्यक्रम चलाता है। इसमें फॉगिंग, मच्छररोधी रसायन का छिड़काव और जागरूकता गतिविधियां शामिल हैं।
लोगों को सलाह दी गई कि वे पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम या क्वायल का उपयोग करें, और घर में पानी जमा न होने दें। टूटे बर्तन, टायर हटाएं और जमा पानी में जला मोबिल ऑयल डालें। खिड़कियों-दरवाजों पर जाली लगाने की भी सिफारिश की गई। यह अभियान रायबरेली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और जनता को रोगमुक्त रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।















