अवधी-भोजपुरी लोकगीत और नृत्य के रंगों ने बस्ती में बिखेरा एकता व सद्भावना का संदेश।
बस्ती। जन प्रबोधन शिक्षण संस्थान लक्ष्मणपुर द्वारा आयोजित एक दिवसीय अवधी-भोजपुरी लोकगीत व लोक नृत्य विरासत कार्यक्रम ने सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक एकता का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। प्रीती महिला एवं बाल विकास सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने की, जिनका अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह से स्वागत किया गया। शुक्ल ने बच्चों को भारतीय संस्कृति और सभ्यता को आत्मसात करने का संदेश देते हुए मातृभाषा और लोक परंपराओं के महत्व पर जोर दिया। अरविंद प्रभाकर त्रिपाठी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विद्यालय के बच्चों ने भोजपुरी लोकगीत और लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीता। विशेष रूप से ‘हिंदू मुस्लिम सिक्ख ईसाई, हम सब यहां पर भाई भाई’ नाटक ने एकता और प्रेम का संदेश देकर सामाजिक सद्भावना को बढ़ावा देने का कार्य किया। इस आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया, बल्कि समाज में भाईचारे और एकजुटता का भाव भी जागृत किया।















