एक व्यक्ति, एक वोटर आईडी: निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की सख्त पहल
गोरखपुर। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों को दूर करने का बीड़ा उठाया है। आयोग ने एक स्थाई और वैज्ञानिक समाधान के तहत वोटर आईडी (EPIC) को आधार से जोड़ने की योजना पर पुनर्विचार शुरू किया है। इसका उद्देश्य उन मतदाताओं की पहचान करना है, जो एक से अधिक स्थानों पर वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं।
उत्तर प्रदेश के निर्वाचन अधिकारी ने एनआईसी सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उप चुनाव अधिकारी, एडीएम (वित्त), ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी, एसडीएम चौरी चौरा रोहित मौर्य, एसडीएम गोला प्रशांत वर्मा, एसडीएम बासगांव प्रदीप सिंह, एसडीएम कैंपियरगंज सिद्धार्थ पाठक, एसीएम अमित जायसवाल सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का पालन करते हुए एक से अधिक स्थानों पर रजिस्टर्ड वोटर आईडी की जांच करें और इसे दुरुस्त करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक वोटर आईडी कार्ड पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति के पास केवल एक ही मतदाता पहचान पत्र हो, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे।















