कृतिम पोखरे का पता नहीं, फिर दूषित होंगी नदिया।
सहजनवा। गोरखपुर
शारदीय नवरात्र को लेकर शहर से गांव तक धूम मचा हुआ है। पंडालो मे मनमोहक बड़ी बड़ी माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। ऐसे मे इन प्रतिमाओ के विसर्जन के लिए अधिकारी नदियों के घाटों पर पहुंच कर ब्यवस्था की निगरानी भी कर रहे है। जबकि विसर्जन मे केवल तीन दिन शेष बचे है.लेकिन सहजनवा तहसील क्षेत्र मे अभी तक एक भी कृतिम पोखरा नहीं बनया गया। जिससे लगता है की इस बार लोग नदियों मे ही प्रतिमा का विसर्जन कर नदियों को दूषित करेंगे।
हर साल बनता है कृतिम पोखरा
सुप्रीम कोर्ट (एनजीटी) के निर्देशानुसार नदियों मे प्रतिमा विसर्जन प्रतिबंधित है। ऐसे मे हर साल सहजनवा तहसील प्रशासन कृतिम पोखरा का निर्माण करता है. लेकिन इस बर्ष वसर्जन मे मात्र तीन दिन बच्चे है। लेकिन पुरे तहसील क्षेत्र मे कही भी अभी तक कृतिम पोखरा नहीं बनवाया गया.सहजनवा तहसील के सहजनवा, पाली एवं पिपरौली तीनो ब्लाको को मिलाकर मुख्य रूप से छ घाटों को चिन्हित किया गया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र मे गांव के समीप कुछ तालावो को भी विसर्जन के लिए चिन्हित किया जा रहा है।
इस सम्बन्ध मे उपजिलाधिकारी दीपक गुप्ता ने बताया की प्रतिमा वसर्जन को लेकर तैयारियां चल रही है। प्रतिमा विसर्जन के लिए कृतिम पोखरा बनाने के लिए जगह देखि जा रही है। जल्द ही कृतिम पोखरा बना दिया जायेगा।















