राष्ट्रीयता के सूत्रधार थे महात्मा गांधी: रविन्द्र।
संत कबीर नगर। धनघटा। 2 अक्टूबर 1869 को जन्मे मोहनदास करमचंद गांधी ऐसे ही राष्ट्रपिता नहीं बन गए। वास्तव में महात्मा गांधी भारत की राष्ट्रीयता के सूत्रधार थे। उन्होंने उत्तर से दक्षिण और पश्चिम से पूरब समूचे भारत को एक सूत्र में बांधकर एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार किया। दूसरी तरफ आधुनिक भारत के समृद्धि के कारक लाल बहादुर शास्त्री ने भारत में हरित क्रांति के साथ एक नए युग का आरंभ किया। दोनों महापुरुषों ने अपने कार्यों के बल भारत को न केवल अंग्रेजों की दास्तान से मुक्त कराया बल्कि भारत को उत्तरोत्तर विकसित होने के मार्ग पर खड़ा किया। यह बातें बिंदु देवी मेमोरियल एकेडमी एवं रामेश्वर प्रसाद मौर्य स्मारक इंटर कॉलेज ठाकुराडाडी धनघटा के प्रबंधक रविंद्र प्रकाश मौर्य ने गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक इन दोनों महा पुरुषों का ऋणी है । एक ने भारत को आजादी दिलाने में त्याग कर दिया अपनी सुख सुविधाओं का त्याग किया और एक वस्त्र लेकर पूरे देश को एक सूत्र में बंध डाला। तो दूसरे ने हरित क्रांति लाकर देश को समृद्धि दिलाने में अपना योगदान दिया। इस मौके पर विद्यालय के बच्चे राष्ट्रीय गीत आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी तरह क्षेत्र के स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज धनघटा, फ्यूचर जोन यूनिक फाउंडेशन स्कूल धनघटा, बाल विद्यालय प्रसादपुर, ताराचंद स्नाकोत्तर महाविद्यालय मिठना धनघटा आदि जगह पर राष्ट्रपिता और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित करके उनके बताएं और दिखाएं मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर नृपेद्र प्रताप मौर्य, डीएन चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।















