लाइटर जलाने से पहले सिपाही ने बचाई जान, फरियादी बन लग रही दौड़ 8 महीने से ।

लाइटर जलाने से पहले सिपाही ने बचाई जान, फरियादी बन लग रही दौड़ 8 महीने से ।

गोरखपुर महिला पुलिस दफ्तर भी अलीगढ़ का पुलिस थाना बनने से बच गया। एक सिपाही की तत्परता ने दफ्तर के अंदर होने वाले एक बड़े हादसे को रोक लिया। सोमवार दोपहर में कैंपियरगंज से आई महिला ने महिला पुलिस दफ्तर के अंदर प्रवेश कर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया।
दो बार लाइटर जलाकर आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन लाइटर जला नहीं। इसी बीच पास में खड़े एसएसपी स्कॉट के एक सिपाही ने हिम्मत दिखाई और महिला के साथ से पेट्रोल और लाइटर छीन लिया।

दरअसल, महिला पिछले 8 जुलाई से ही कैंपियरगंज थाने में कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र लेकर घूम रही है। महिला का आरोप है कि कैंपियरगंज के करमहवां में उसके खेत है। इसी के बगल में कुछ अन्य लोगों का भी खेत है। वे अपनी जमीन के सहारे हमारी जमीन पर दबंगई से कब्जा करना चाहते हैं।


इसे लेकर उनके ऊपर दबान बनाने के साथ जमीन का पैमाइश कराने की बात कहने पर उनके द्वारा गंदी गाली दी जाती है और लाठी डंडा लेकर उन्हें मारने भी दौड़ आते हैं। इसके अलावा विरोधी धमकी देते हैं कि वो पुलिस से नहीं डरते हैं और शिकायत करने पर उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा।

इसी सब से निराश होकर महिला सोमवार की दोपहर  अपने तीन बच्चों के साथ पुलिस आफिस पहुंच गई। हाथ में पेट्रोल लेकर आई महिला खुद पर पेट्रोल उड़ेल कर आग लगाने की कोशिश में थी। इस दौरान मौके पर मौजूद सिपाही हरीश यादव ने महिला के हाथ से पेट्रोल का डिब्बा और लाइटर छीन लिया। इस घटना की जानकारी होने पर एसएसपी गौरव ग्रोवर ने महिला को बुलाकर मदद करने का आश्वासन दिया है।

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