नदी खतरे निसान उपर ठेकेदार ने टो खोदकर छोड़ा जिम्मेदार मौन
अधिकारियों की अनदेखी औद्योगिक क्षेत्र सैकड़ो गांव पर पड़ेगी भारी
बोक्टा बरवार तटबंध बरहुआ ठोकर के पास का मामला
गोरखपुर सहजनवा।
सहजनवा तहसील अंतर्गत राप्ती नदी तटबंध की सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा 8 करोड़ की परियोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी शासन से स्वीकृति मिलने की उपरांत खरदाई संस्था से करीब 6 करोड़ 21 लाख का अनुबंध किया गया था कार्यदाई एजेंसी मानसून आने से पहले कार्य पूर्ण करना था
बता दे कि सहजनवा तहसील क्षेत्र के संवेदनशील तटबंध की सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा 8 करोड़ परियोजना तैयार कर शासन से मंजूरी मांगी थी प्रदेश सरकार से परियोजना की मंजरी मिलते बाढ़ खंड 2 के जिम्मेदारों द्वारा बोक्टा बरवार बंधे के किमी 782.5 से 9.300 के मध्य 6 करोड़ 21 लाख की परियोजना का हुआ था अनुबंध 15 जून से पहले कार्यदाई संस्था को मिर्जापुर स्टोन बॉर्डर पिचिंग कार्य पूर्ण करना था पर विभागीय अधिकारियों के लापरवाही कहिए या ठेकेदार की मिली भगत से अभी तक परियोजना का कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर है। नदी का जलस्तर और बढा तो नदी के पानी का दबाव बरहुआ गांव के समीप पूर्व में बने ठोकर व बोक्टा बरवार तटबंध पर बढ़ेगा क्योंकि तटबंध से नदी महज 5 मीटर दूरी पर स्थित है। 1998 में राप्ती नदी ने अपना प्रचंड रूप दिखाया था उसे समय बरहुआ गांव से 1 किलोमीटर पहले बंधे को तोड़ दिया था जिससे सैकड़ो गांव जलमग्न हो गए थे और जनधन का काफी नुकसान हुआ था उसे समय औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार नहीं हुआ था परंतु इस समय यदि ऐसी स्थिति दैविक आपदा आती है। तो सैकड़ो गांव समेत औद्योगिक क्षेत्र को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता जयप्रकाश सिंह का कहना है। कि मामला संज्ञान में आया है। कार्यदाई संस्था को अधूरे कार्य को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।















